
सुपरपावर्स के बीच अंतरिक्ष में चल रहे शीतयुद्ध और तकनीकी वर्चस्व की होड़ ने एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में लगातार चक्कर काट रहे चीन के अति-गोपनीय और रहस्यमयी अंतरिक्ष विमान ‘शेनलोंग’ (Shenlong) की एक बेहद स्पष्ट और दुर्लभ तस्वीर सामने आने के बाद वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों और अंतरिक्ष एजेंसियों में हलचल मच गई है। अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी यानी डीआईए (Defense Intelligence Agency – DIA) की नवीनतम ‘थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट’ में शामिल की गई इस तस्वीर ने बीजिंग के गोपनीय अंतरिक्ष अभियानों के गहरे रहस्यों को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। तस्वीर में यह चीनी स्पेस प्लेन अंतरिक्ष में एक अज्ञात उपग्रह के बिल्कुल करीब जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके विशाल सोलर पैनल पूरी तरह खुले हुए हैं और ऊर्जा संचित कर रहे हैं।
इस तस्वीर का सबसे चौंकाने वाला और चिंताजनक पहलू यह है कि शेनलोंग के पिछले हिस्से में मौजूद मुख्य ‘पेलोड बे’ (Payload Bay) का सुरक्षात्मक दरवाजा खुला हुआ स्पष्ट नजर आ रहा है। अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी प्रतिष्ठित वेबसाइट Space.com की रिपोर्ट के मुताबिक यह दुर्लभ तस्वीर मैक्सार टेक्नोलॉजीज (वर्तमान में वैंटोर) के एक अत्याधुनिक निगरानी सैटेलाइट द्वारा महज 90 किलोमीटर की दूरी से खींची गई थी। इस तस्वीर का ऑप्टिकल रिजॉल्यूशन 4.5 सेंटीमीटर प्रति पिक्सेल है, जो अंतरिक्ष में ली गई अब तक की सबसे स्पष्ट और बारीक तस्वीरों में से एक मानी जा रही है। इस खुलासे के बाद पेंटागन और पश्चिमी देशों की वायुसेनाएं चीन की इस गुप्त अंतरिक्ष क्षमता को लेकर नए सिरे से खतरे का आकलन करने में जुट गई हैं।
चीन का यह गुप्त अंतरिक्ष यान पिछले काफी समय से वैश्विक अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और शौकिया स्काई-वॉचर्स के बीच गहरी चर्चा और रहस्य का विषय बना हुआ है। इसका मुख्य कारण यह है कि जब भी यह विमान कक्षा में पहुंचता है, तो इसके पेलोड बे से रहस्यमयी अज्ञात वस्तुएं (Unidentified Objects) अंतरिक्ष में छोड़ी जाती हैं। अंतरिक्ष में रिलीज की गई इन वस्तुओं के वास्तविक उद्देश्य और बनावट के बारे में चीन ने कभी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। यही वजह है कि दुनिया भर की कई वाणिज्यिक अंतरिक्ष निगरानी कंपनियों, निजी खगोलविदों और रक्षा विशेषज्ञों ने ग्राउंड-बेस्ड रडार और टेलीस्कोप की मदद से इस रहस्यमयी विमान के हर चक्कर पर पैनी नजरें गड़ा रखी हैं।
अमेरिकी खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में शेनलोंग को एक अत्याधुनिक बहुउद्देश्यीय और रीयूजेबल (पुन: प्रयोज्य) स्पेस प्लेन के रूप में दर्ज किया गया है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह अंतरिक्ष यान केवल उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कक्षा में मौजूद दुश्मन देशों के सैटेलाइट्स की जासूसी करने, उन्हें निष्क्रिय करने या अपने साथ ले जाए गए गुप्त सैन्य परीक्षणों को अंजाम देने में पूरी तरह सक्षम है। इसके साथ ही यह मिशन पूरा होने के बाद अंतरिक्ष के शून्य से वापस सुरक्षित पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने की अद्वितीय तकनीकी महारत रखता है।
तकनीकी बनावट, आकार और मिशन प्रोफाइल के लिहाज से चीन का ‘शेनलोंग’ स्पेस प्लेन काफी हद तक संयुक्त राज्य अमेरिका की अंतरिक्ष सेना द्वारा संचालित गोपनीय स्पेस प्लेन बोइंग X-37B से मेल खाता है। रक्षा विश्लेषक कंपनी ‘वैंटोर’ के तकनीकी नोट के अनुसार लगभग 26 फीट लंबा यह चीनी विमान एक मानवरहित रीयूजेबल शटल की तरह कार्य करता है। इसे सामान्य रॉकेटों की तरह वर्टिकल (सीधी) स्थिति में अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाता है। एक बार जब यह निर्धारित कक्षा में पहुंच जाता है, तो इसके विंग्स और ऑनबोर्ड थ्रस्टर्स इसे दिशा बदलने और युद्धाभ्यास करने की आजादी देते हैं।
मिशन की सभी तकनीकी और खुफिया प्रक्रियाएं समाप्त होने के बाद यह स्पेस प्लेन पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करता है और एक सामान्य लड़ाकू विमान की तरह किसी सैन्य हवाई पट्टी के रनवे पर लैंड करता है। इस पूरी प्रक्रिया में चीन का अरबों रुपये का खर्च बचता है क्योंकि एक ही विमान को बार-बार नए अंतरिक्ष अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। बीजिंग की अत्यंत गोपनीय कार्यशैली के चलते चीन की अंतरिक्ष एजेंसी (CNSA) ने आज तक शेनलोंग की कोई भी आधिकारिक तस्वीर, तकनीकी ब्लूप्रिंट या इसके पेलोड के विवरण को सार्वजनिक नहीं किया है।
वर्तमान समय में यह चीनी सीक्रेट स्पेस प्लेन अपने चौथे गुप्त मिशन पर पृथ्वी के चक्कर लगा रहा है। इस चौथे मिशन का प्रक्षेपण इसी वर्ष 7 फरवरी को चीन के गोबी रेगिस्तान में स्थित ऐतिहासिक जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से किया गया था। इस गोपनीय विमान को कक्षा में पहुंचाने के लिए चीन के सबसे भरोसेमंद हैवी-लिफ्ट ‘लॉन्ग मार्च 2F’ रॉकेट का इस्तेमाल किया गया था। लॉन्चिंग के बाद से ही दुनिया भर के ग्राउंड स्टेशनों ने इसके बदलते ऑर्बिट पर नजर रखी है, जहां यह लगातार अपनी ऊंचाई और कोण बदलकर अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों को चौंका रहा है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस हफ्ते यह चीनी अंतरिक्ष यान सीधे अमेरिका के प्रमुख शहरों के ऊपर से गुजरने वाला है। Space.com द्वारा सैटेलाइट ट्रैकिंग डेटा ‘हेवन्स अबव’ (Heavens-Above) के हवाले से जारी की गई सूची के अनुसार, आम लोग भी इस चीनी अंतरिक्ष यान को बिना किसी दूरबीन के सीधे नंगी आंखों से आसमान में तैरते हुए देख सकेंगे। यह विमान 3 नवंबर को अमेरिकी शहर डेनवर के आसमान से होकर गुजरेगा, जबकि 5 और 6 नवंबर को यह लॉस एंजिल्स के ऊपर से अपनी उड़ान भरेगा। खगोलविदों के अनुसार इन शहरों में सुबह भोर होने से ठीक पहले का समय इस विमान को चमकती रोशनी के बिंदु के रूप में देखने के लिए सबसे मुफीद रहेगा।
Focus Times – Focus Times, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया