
दीपावली के महापर्व से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय महिलाओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 1.89 करोड़ से अधिक लाभार्थी परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। इस विशेष त्योहारी पहल के तहत प्रदेश सरकार द्वारा कुल 1,500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी (DBT) के माध्यम से डिजिटल रूप से हस्तांतरित की गई है। इस सौगात से त्योहारी सीजन में रसोई गैस सिलेंडर का अतिरिक्त खर्च शून्य हो गया है, जिससे ग्रामीण और वंचित परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महिला लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर प्रतीकात्मक रूप से सब्सिडी के चेक और स्वीकृति पत्र सौंपे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह समर्पित है। धुएं से मुक्त स्वस्थ जीवन हर महिला का अधिकार है और इसी संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार ने अपने चुनावी वादे के अनुरूप होली और दिवाली पर दो मुफ्त गैस सिलेंडर रिफिल देने की व्यवस्था को अनवरत जारी रखा है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय, राज्य मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सरकार की इस कल्याणकारी योजना की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। लाभार्थियों को अपने संबंधित तेल वितरण वितरक (इंडेन, भारत गैस या एचपी) से निर्धारित मूल्य पर सामान्य तरीके से 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी लेनी होती है। सिलेंडर की सफल डिलीवरी की पुष्टि होते ही राज्य सरकार द्वारा देय पूरी रिफिल सब्सिडी की राशि लाभार्थी महिला के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर कर दी जाती है। इस प्रकार, त्योहारी सीजन के दौरान मिलने वाला यह सिलेंडर महिलाओं के लिए पूरी तरह से मुफ्त साबित होता है।
मुफ्त गैस सिलेंडर योजना का सीधा लाभ प्राप्त करने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट दिशानिर्देश तय किए हैं:
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सक्रिय उज्ज्वला कनेक्शन: केवल केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पंजीकृत नियमित महिला लाभार्थी ही इसके लिए पात्र हैं।
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आधार लिंकिंग (Aadhaar Seeding): लाभार्थी का बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) मैपर पर आधार से जुड़ा होना अनिवार्य है।
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बायोमेट्रिक ई-केवाईसी: गैस एजेंसी स्तर पर उपभोक्ता का बायोमेट्रिक या फेस-ऑथेंटिकेशन ई-केवाईसी पूरा होना जरूरी है, ताकि अपात्र या फर्जी खातों में पैसा जाने से रोका जा सके। जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके खातों में आज ही डीबीटी का मैसेज पहुंचना शुरू हो गया है।
त्योहारों के समय रसोई के बढ़ते खर्चों के बीच सरकार की ओर से दी गई यह सहायता महिलाओं के घरेलू बजट को संतुलित करने में एक बड़ा सहारा बनी है। ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी और कोयले के धुएं से होने वाली श्वसन बीमारियों से माताओं-बहनों को मुक्ति दिलाने के साथ ही यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने इस पूरी योजना के संचालन हेतु बजट में ₹2,142 करोड़ से अधिक का मजबूत वित्तीय प्रावधान रखा है, जिसके तहत पहला सिलेंडर दिवाली के उपलक्ष्य में और दूसरा आगामी होली के त्योहार पर पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जाएगा।
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