नीम करोली बाबा के आशीर्वाद पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास, 28 दिनों में कमा डाले इतने करोड़

भारतीय सिनेमा जगत में इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर एक ऐसा उलटफेर देखने को मिला है जिसने बड़े-बड़े दिग्गजों और मेकर्स को हैरान कर दिया है। आध्यात्मिक और चमत्कारी संत नीम करोली बाबा के जीवन दर्शन और आस्था से प्रेरित होकर बनाई गई कम बजट की फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने कमाई के मामले में तहलका मचा दिया है। इस फिल्म ने साउथ के सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित और भारी-भरकम बजट वाली फिल्म ‘टॉक्सिक’ की बॉक्स ऑफिस पर हेकड़ी निकाल दी है। रिलीज के शुरुआती दिनों से ही उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इस फिल्म ने महज 28 दिनों के भीतर बॉक्स ऑफिस पर 3644 प्रतिशत से अधिक का भारी-भरकम फायदा दर्ज कर लिया है। सिनेमाघरों में दर्शकों की बढ़ती भीड़ और सकारात्मक माउथ पब्लिसिटी के दम पर इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के सभी पुराने गणित को बदलकर रख दिया है और ट्रेड एनालिस्ट्स भी इसके जादुई आंकड़ों को देखकर दंग हैं।

आमतौर पर बॉक्स ऑफिस पर वही फिल्में सफलता का परचम लहराती हैं जिनके पीछे करोड़ों रुपये का भारी-भरकम बजट और बड़े सितारों का नाम जुड़ा होता है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ ने इस मिथक को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया है। नीम करोली बाबा के कैंची धाम और उनकी अलौकिक शक्तियों से जुड़ी इस कहानी को पर्दे पर बेहद ईमानदारी और प्रामाणिकता के साथ उतारा गया है, जो सीधे दर्शकों के दिलों को छू रही है। फिल्म के निर्देशक और निर्माताओं ने जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, तब शायद ही किसी ने यह कल्पना की होगी कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पैसों की ऐसी बारिश कर देगी। रिलीज के पहले हफ्ते में ही इस फिल्म ने अपनी लागत से कई गुना ज्यादा कमाई कर ली थी और चौथे हफ्ते यानी 28वें दिन तक आते-आते इसने मुनाफे का ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जो आने वाले कई सालों तक एक मिसाल के रूप में याद रखा जाएगा।

यश स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक’ को लेकर दर्शकों के बीच एक अलग ही तरह का क्रेज और हाइप बना हुआ था, और ट्रेड मार्केट में यही कयास लगाए जा रहे थे कि यह फिल्म सिनेमाघरों पर पूरी तरह से राज करेगी। हालांकि, बॉक्स ऑफिस की वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट साबित हुई। जब ‘हनुमान अंश’ सिनेमाघरों में उतरी तो शुरुआती शोज़ में भले ही स्क्रीन की संख्या कम थी, लेकिन जैसे-जैसे लोगों ने इसे देखना शुरू किया, पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ यानी माउथ पब्लिसिटी ने अपना जादू दिखाना शुरू कर दिया। दर्शक परिवार के साथ इस आध्यात्मिक और प्रेरणादायक फिल्म को देखने के लिए थिएटर्स का रुख करने लगे, जिसके चलते मल्टीप्लेक्स से लेकर सिंगल स्क्रीन थिएटर्स तक में हाउसफुल के बोर्ड नजर आने लगे। इसके विपरीत, बड़ी स्टार कास्ट वाली फिल्मों को जब दर्शकों की मिक्स्ड प्रतिक्रिया मिली, तो उनके कलेक्शन में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका सीधा फायदा ‘हनुमान अंश’ को मिला और इसने बॉक्स ऑफिस पर अपनी बादशाहत कायम कर ली।

सिनेमा जगत के जानकारों का मानना है कि ‘हनुमान अंश’ की इस ऐतिहासिक सफलता ने फिल्म निर्माताओं को एक नया रास्ता दिखा दिया है। आज का दर्शक सिर्फ मारधाड़ या चमक-दमक वाली कहानियों के बजाय अपनी संस्कृति, आस्था और जड़ों से जुड़ी कहानियों को पर्दे पर देखना ज्यादा पसंद कर रहा है। नीम करोली बाबा के भक्तों की दुनिया भर में एक बहुत बड़ी संख्या है, और इस फिल्म ने उस आस्था को एक बेहतरीन सिनेमाई रूप में पिरोकर बॉक्स ऑफिस पर भुनाने का काम किया है। 28 दिनों में 3644 प्रतिशत का यह मुनाफा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अगर कंटेंट में दम हो और कहानी के साथ न्याय किया गया हो, तो छोटे बजट की फिल्में भी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को धूल चटा सकती हैं। इस सफलता के बाद अब आने वाले समय में मेकर्स इस जॉनर की और भी कई नई फिल्मों पर निवेश करने की योजना बना रहे हैं, जिससे साफ है कि भारतीय बॉक्स ऑफिस पर आने वाले दिनों में आध्यात्मिक और भक्ति से ओत-प्रोत कहानियों का दौर और ज्यादा मजबूत होने वाला है।