
पाकिस्तान द्वारा अपनी नाकामी और झूठे प्रोपेगैंडा को छिपाने की पुरानी आदत एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गई है, जब उसने अपने एयरफोर्स डे के मौके पर भारत के खिलाफ बेतुके और पूरी तरह से मनगढ़ंत दावे किए। पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा मशीनरी ने यह दावा किया कि उन्होंने अपने जे-10 (J-10) लड़ाकू विमानों की मदद से भारत के अत्याधुनिक राफेल फाइटर जेट्स को निशाना बनाने का अभ्यास किया है और इसके साथ ही भारत के 32 एयरबेस तथा एस-400 (S-400) एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों और सैन्य विश्लेषकों ने पाकिस्तान के इन दावों को कोरा झूठ, बचकानी हरकत और सिर्फ घरेलू जनता को खुश करने का एक नाकामयाब ड्रामा करार दिया है। भारत की सैन्य ताकत और उसकी अजेय वायु रक्षा प्रणालियों के सामने इस तरह के फर्जी आंकड़े पेश करके पाकिस्तान एक बार फिर वैश्विक मंच पर उपहास का पात्र बन गया है।
पाकिस्तान की तरफ से अक्सर ऐसे फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर दावे तब किए जाते हैं जब देश के भीतर उसकी राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमराई होती है या फिर उसकी अपनी सेना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी बड़े दबाव में होती है। पाकिस्तानी अवाम और कट्टरपंथी तत्वों का ध्यान अपनी बदहाल अर्थव्यवस्था, भूखमरी और आंतरिक कलह से भटकाने के लिए वहां की मीडिया और सैन्य अधिकारियों ने एयरफोर्स डे के बहाने इन झूठी कहानियों को हवा दी। विश्लेषकों का कहना है कि जिस देश की वायुसेना खुद अपने पुराने हो चुके विमानों के स्पेयर पार्ट्स और ईंधन के लिए तरस रही हो, वह दुनिया के सबसे आधुनिक और ताकतवर डिफेंस सिस्टम एस-400 या राफेल को नेस्तनाबूद करने का सपना भी कैसे देख सकता है। यह बयानबाजी केवल और केवल एक खोखले प्रोपेगैंडा का हिस्सा है जिसका वास्तविकता से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है और न ही किसी भी रक्षा मंच पर इन दावों का कोई प्रमाण मौजूद है।
भारतीय वायुसेना (IAF) आज दुनिया की सबसे ताकतवर, पेशेवर और तकनीकी रूप से उन्नत वायु सेनाओं में शुमार की जाती है, जिसके बेड़े में शामिल राफेल विमान और एस-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम किसी भी दुश्मन के होश उड़ाने के लिए काफी हैं। एस-400 सिस्टम को दुनिया का सबसे अचूक और बेहतरीन सतह से हवा में मार करने वाला डिफेंस शील्ड माना जाता है, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को हवा में ही भांपकर नष्ट कर सकता है। वहीं, राफेल अपनी सुपरक्रूज क्षमता, मेटेओर मिसाइलों और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के दम पर दुश्मन के किसी भी रडार और विमान को चकमा देकर पलक झपकते ही धूल चटा सकता है। ऐसे में पाकिस्तान द्वारा यह दावा करना कि उसने इन दोनों अजेय प्रणालियों को मटियामेट कर दिया है, ऐसा ही है जैसे सूरज को दीया दिखाने की असफल कोशिश करना। भारतीय रक्षा जानकारों का स्पष्ट रूप से मानना है कि यदि कभी असल युद्ध के मैदान में इनका आमना-सामना हुआ, तो पाकिस्तानी जे-10 विमान चंद मिनटों में आसमान से गायब हो जाएंगे।
भारतीय रक्षा मंत्रालय और सैन्य मुख्यालय इस तरह की बचकानी बयानबाजी और प्रोपेगैंडा से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे इस पर कोई तवज्जो देने के बजाय पूरी तरह से अपनी रणनीतिक तैयारियों पर फोकस रखते हैं। भारत की खुफिया एजेंसियां और उत्तरी-पश्चिमी सीमाओं पर तैनात एयर डिफेंस यूनिट्स 24 घंटे हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखती हैं ताकि किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। पाकिस्तान के अंदर इस तरह की झूठी डींगें हांकने का एक और बड़ा मकसद अपनी घरेलू जनता और सेना का मनोबल ऊंचा रखना है, क्योंकि वे जानते हैं कि भारत की सैन्य ताकत के मुकाबले वे हर मोर्चे पर पिछड़ चुके हैं। भारत की मजबूत होती डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और ‘मेक इन इंडिया’ पहलों के तहत विकसित हो रहे स्वदेशी हथियार भी पाकिस्तान की नींद उड़ाए हुए हैं, जिसके चलते वह ऐसे मनगढ़ंत किस्से गढ़कर अपनी झूठी शान बचाने की कोशिश करता रहता है।
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