अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मिली मंजूरी, क्या इंटरनेशनल क्रिकेट खेल पाएंगी संजय बांगर की बेटी

भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और कोच संजय बांगर के परिवार से जुड़ी एक बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आई है। पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर और ट्रांस महिला अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी के रास्ते खुल गए हैं। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। हालांकि, विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) या अन्य एलीट स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए उन्हें अभी कुछ नियमों और शर्तों को पूरा करना होगा।

“मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी”

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से हरी झंडी मिलने के बाद अनाया बांगर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने जीवन का बेहद खास दिन बताया। उन्होंने एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान से बातचीत में साझा किया कि सर्जरी के बाद एक दौर ऐसा भी आया था जब उन्हें लगने लगा था कि वह शायद दोबारा कभी मैदान पर क्रिकेट नहीं खेल सकेंगी।

अनाया ने बताया कि उन्होंने इस साल जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था, जिसके बाद 20 जुलाई को उन्हें कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने की जानकारी दी गई। उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का आभार जताते हुए कहा कि इस फैसले ने उन्हें अपने खेल को आगे बढ़ाने का एक और सुनहरा मौका दिया है।

मार्च 2027 तक कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की पात्रता

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज द्वारा अनाया को भेजे गए पत्र के मुताबिक, वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं (कम्युनिटी क्रिकेट) में हिस्सा ले सकती हैं।

चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट की श्रेणी में नहीं बल्कि कम्युनिटी क्रिकेट माना गया है, इसलिए अनाया फिलहाल बिना किसी बाधा के वहां खेल सकती हैं। हालांकि, मार्च 2027 के बाद एलीट क्रिकेट जैसे उच्च स्तर पर खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन के स्तर से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के नियमानुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से कम होना चाहिए, जिसकी पुष्टि के लिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।

ICC और BCCI के क्या हैं नियम?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने साल 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने पुरुष प्यूबर्टी (Male Puberty) का अनुभव किया है, वे एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में भाग लेने के लिए पात्र नहीं हैं।

दूसरी ओर, भारत में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से अभी तक ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट में खेलने को लेकर कोई स्पष्ट नीति या नियम सामने नहीं आया है। बीसीसीआई के अधिकारियों का कहना है कि इस विषय पर फिलहाल कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है, जिसके चलते देश और विदेश में इस मामले पर लगातार चर्चा हो रही है।