
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशानुसार प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में उ.प्र. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत गठित अप्रेजल समिति की बैठक में कुल 07 प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई। इन प्रस्तावों से खाद्य प्रसंस्करण, सौर ऊर्जा, कैटल फीड तथा रेडी-टू-कुक एवं रेडी-टू-ईट उत्पादों के क्षेत्र में निवेश और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। श्री मौर्य ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि गांव की महिला केवल लाभार्थी न रहे, बल्कि उत्पादन से लेकर विपणन तक की पूरी आर्थिक व्यवस्था में भागीदार और उद्यमी बने। महिला शक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत करके ही आत्मनिर्भर परिवार, आत्मनिर्भर गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का विकसित होना संभव होगा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प उत्तर प्रदेश हर स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में मेसर्स श्री सद्गुरू इंडस्ट्रीज प्रा.लि., आजमगढ़ की फोर्टिफाइड चावल इकाई में 95 केवी सोलर पावर प्लांट, मेसर्स आई.पी. फूड प्रोडक्ट्स प्रा.लि., पीलीभीत की आटा मिल में 356 केवीपी ऑन-ग्रिड सोलर पावर प्लांट तथा बदायूं की क्रीडेन्स न्यूट्रीशन महिला प्रेरणा स्मॉल इंडस्ट्रीज एवं उन्नति प्रेरणा महिला लघु उद्योग में 50-50 केवीए सोलर पावर प्लांट की स्थापना के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बांदा की पोषक प्रेरणा महिला लघु उद्योग में 55 केवीए सोलर पावर प्लांट, गोरखपुर में कैटल फीड इकाई के विस्तारीकरण तथा बहराइच में कैटल फीड की नवीन इकाई स्थापना के प्रस्ताव पर भी संस्तुति दी गई।
समिति ने नीति में निहित प्रावधानों के तहत प्रस्तावों को एस.एल.ई.सी. के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संस्तुति इस शर्त के साथ की कि संबंधित फर्म द्वारा वर्तमान खाद्य प्रसंस्करण इकाई की कुल उत्पादन क्षमता के सापेक्ष कम से कम 85 प्रतिशत क्षमता उपयोग किए जाने का प्रमाण-पत्र तथा विगत दो वर्षों के आयकर एवं जीएसटी रिटर्न की सी.ए. द्वारा प्रमाणित प्रतियां निर्धारित अवधि में उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही कच्चे माल की आपूर्ति में स्थानीय किसानों को प्राथमिकता देने तथा आवश्यक प्लान मैप, फायर एवं प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की जिम्मेदारी निवेशक की होगी।
श्री मौर्य ने कहा कि “उत्तर प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से गांव की महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें उद्यमी बनाने का काम कर रही है। आज हमारी बहन-बेटियां कंधे से कंधा मिलाकर दूध, मसाले, अगरबत्ती, मोमबत्ती सहित अनेक घरेलू उत्पादों और खाद्य सामग्रियों का उत्पादन कर रही हैं। वे व्यापार करने, अपनी इकाई स्थापित करने और विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों में आगे बढ़कर भागीदारी कर रही हैं। सरकार हर स्तर पर उनका सहयोग करेगी।”
Focus Times – Focus Times, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया