
भारतीय बैडमिंटन जगत से शुक्रवार को एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है, जहां देश के दिग्गज शटलर और पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 किदांबी श्रीकांत का चाइना मास्टर्स 2026 में शानदार सफर क्वार्टर फाइनल मुकाबले के साथ ही समाप्त हो गया है। शेनझेन में आयोजित किए जा रहे प्रतिष्ठित बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 750 इवेंट में श्रीकांत को हांगकांग के प्रतिभाशाली खिलाड़ी ली चियुक ईयु के हाथों सीधे गेमों में कड़े संघर्ष के बाद हार का सामना करना पड़ा। इस खिताबी मुकाबले में मिली शिकस्त के साथ ही भारतीय खेमे की उम्मीदें टूट गईं, हालांकि श्रीकांत ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान जिस प्रकार का जुझारू प्रदर्शन दिखाया, उसने एक बार फिर उनके प्रशंसकों का दिल जीत लिया है।
सीधे गेमों में मिली शिकस्त, हांगकांग के खिलाड़ी ने बनाया दबाव
चाइना मास्टर्स के इस रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में किदांबी श्रीकांत और हांगकांग के ली चियुक ईयु के बीच कोर्ट पर कड़ी टक्कर देखने को मिली। शुरुआत में ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भारतीय शटलर अपने अनुभवी खेल के दम पर मैच का रुख मोड़ने में सफल रहेंगे, लेकिन हांगकांग के शटलर ने अपनी बेहतरीन रणनीति और तेज कोर्ट कवरेज के बल पर मैच पर धीरे-धीरे पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित कर लिया। अंततः निर्धारित मुकाबले में किदांबी श्रीकांत को 16-21 और 16-21 के सीधे सेटों में पराजय का मुंह देखना पड़ा। मैच के पहले गेम में श्रीकांत ने मुकाबले की शुरुआत काफी आक्रामक और सकारात्मक अंदाज में की थी, जिसके चलते उन्होंने शुरुआती दौर में ही दो अंक तेजी से अपने नाम कर लिए थे। हालांकि, ली चियुक ईयु ने बहुत कम समय में ही स्कोर बराबर कर लिया और खेल की गति को अपने अनुकूल मोड़ते हुए पांच अंकों के सुरक्षित अंतर से पहला गेम अपने नाम कर लिया। श्रीकांत ने बीच-बीच में बेहतरीन स्मैश और नेट प्ले के जरिए वापसी करने की भरसक कोशिश की, लेकिन वह हांगकांग के शटलर द्वारा बनाई गई बढ़त के अंतर को पाटने में नाकामयाब रहे।
दूसरे गेम में बढ़त बनाने के बावजूद चूके किदांबी श्रीकांत
मुकाबले के दूसरे गेम में किदांबी श्रीकांत ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए बेहद आक्रामक शुरुआत की और शानदार प्रदर्शन करते हुए शुरुआती पलों में ही 4-0 की मजबूत बढ़त बना ली। ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी मैच को तीसरे और निर्णायक सेट तक खींचने में सफल रहेगा, लेकिन यहीं पर श्रीकांत से कुछ लगातार सहज गलतियां हो गईं। उन्होंने लगातार चार अंक गंवाकर अपनी शुरुआती बढ़त को पूरी तरह से पानी में मिला दिया, जिससे ली चियुक ईयु को मैच में शानदार वापसी करने का खुला मौका मिल गया। इसके बावजूद श्रीकांत ने हार नहीं मानी और दूसरे गेम में एक बेहद कड़ा मुकाबला पेश करते हुए स्कोर को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश की। खेल के एक रोमांचक मोड़ पर भारतीय शटलर ने 15-14 की महत्वपूर्ण बढ़त भी हासिल कर ली थी, जिससे स्टेडियम में बैठे दर्शकों की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठीं। मगर हांगकांग के अनुभवी ली ने दबाव के क्षणों में अपने खेल का स्तर ऊंचा उठाया और श्रीकांत की छोटी-मोटी कमजोरियों तथा गलतियों का पूरा फायदा उठाते हुए लगातार अंक बटोरे और अंततः मैच अपने नाम कर लिया।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में ली का पलड़ा भारी, श्रीकांत को मिली लगातार चौथी हार
इस महत्वपूर्ण जीत के साथ ही हांगकांग के ली चियुक ईयु ने किदांबी श्रीकांत के खिलाफ अपने करियर के हेड-टू-हेड रिकॉर्ड को और अधिक मजबूत कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर श्रीकांत के लिए ली के खिलाफ खेलना लगातार कठिन साबित होता रहा है, और इस हार के साथ ही भारतीय शटलर को ली के हाथों लगातार चौथी बार शिकस्त झेलनी पड़ी है। यदि आंकड़ों पर गौर करें तो किदांबी श्रीकांत ने अपने करियर में केवल एक बार साल 2018 के इंडिया ओपन के पहले दौर के मुकाबले में ली चियुक ईयु को मात दी थी। उसके बाद से जब भी यह दोनों खिलाड़ी आमने-सामने आए हैं, हांगकांग के शटलर ने ही बाजी मारी है। इस बार भी तकनीकी दक्षता और मानसिक दबाव को बेहतर ढंग से संभालने के मामले में ली श्रीकांत पर भारी पड़े, जिसके कारण भारतीय खिलाड़ी को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी।
तीन साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा यादगार, बड़े उलटफेर कर चौंकाया
हार के इस गम के बावजूद, समग्र रूप से देखा जाए तो किदांबी श्रीकांत के लिए चाइना मास्टर्स 2026 का यह पूरा अभियान पिछले तीन वर्षों में उनका व्यक्तिगत तौर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साबित हुआ है। इस टूर्नामेंट में श्रीकांत ने जिस प्रकार की लय और फॉर्म दिखाई, उसने यह साबित कर दिया कि उनमें अभी भी बड़े टूर्नामेंट जीतने का माद्दा बाकी है। भारतीय शटलर ने अपने इस शानदार अभियान की शुरुआत चीनी ताइपे के मजबूत खिलाड़ी ची यू-जेन को मात्र 35 मिनट के छोटे से अंतराल में धूल चटाकर की थी। उस मुकाबले में श्रीकांत ने वर्ल्ड नंबर-21 खिलाड़ी को 21-16 और 21-15 के सीधे सेटों में करारी शिकस्त दी थी। इसके बाद प्री-क्वार्टर फाइनल दौर में श्रीकांत ने एक ऐतिहासिक और सनसनीखेज उलटफेर करते हुए वर्ल्ड नंबर-9 शटलर विक्टर लाई को मैदान पर चारों खाने चित कर दिया था। उस कड़े मुकाबले में श्रीकांत ने लाई को 21-18 और 21-19 से शिकस्त देकर क्वार्टर फाइनल में अपनी पक्की जगह बनाई थी। हालांकि उनका सफर अंतिम-8 में आकर थम गया हो, लेकिन उनका यह जुझारू सफर भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों के बीच लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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