
उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और भावी शिक्षकों को तैयार करने वाले प्रशिक्षण संस्थानों को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बेहद अहम और बड़ा कदम उठाया है। राज्य में विद्यालयी शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने और शिक्षण संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता और गति लाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के कुल 17 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों यानी डायट (DIET) में वरिष्ठता के आधार पर नए प्रधानाचार्यों की नियुक्तियां की गई हैं और उन्हें इस पद का प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए, इसके लिए एटा, इटावा और मऊ जनपदों के डायट में तीन अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार के इस दूरदर्शी फैसले से न केवल शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदेश के दूरदराज के जिलों में चल रहे शैक्षणिक प्रशिक्षण अभियानों को भी एक नई दिशा और प्रभावी नेतृत्व प्राप्त होगा।
एससीईआरटी के निदेशक को जारी किए गए निर्देश, वरिष्ठता क्रम के आधार पर मिला प्रभार
इस पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव यतीन्द्र कुमार ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश के निदेशक को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित 17 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में कार्यरत वरिष्ठ प्रवक्ताओं को उनकी वरिष्ठता क्रम के आधार पर प्रधानाचार्य पद का प्रभार तुरंत प्रभाव से सौंपा जाए। शासन स्तर पर इस पूरे मामले पर लंबे समय से मंथन चल रहा था और सम्यक विचारोपरांत ही यह निर्णय लिया गया है कि इन संस्थानों का संचालन बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चलता रहे। निदेशक एससीईआरटी को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित वरिष्ठ प्रवक्ताओं को पदभार ग्रहण कराने से जुड़ी सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं समय पर पूरी करें, ताकि अकादमिक सत्र प्रभावित न हो।
शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था की रीढ़ हैं डायट, प्रभावी नेतृत्व से मजबूत होगी शैक्षणिक गुणवत्ता
शिक्षा विशेषज्ञों का हमेशा से यह मानना रहा है कि किसी भी राज्य में स्कूली शिक्षा की नींव तब तक मजबूत नहीं हो सकती जब तक कि शिक्षकों को तैयार करने वाले संस्थान बेहतरीन स्थिति में न हों। डायट (DIET) यानी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान उत्तर प्रदेश की पूरी शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य कड़ी माने जाते हैं। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से लैस करना, उनके कौशल का विकास करना, शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना और विद्यालयी शिक्षा में नित नए नवाचारों (Innovations) को प्रभावी ढंग से लागू करने में इन्हीं संस्थानों की सबसे बड़ी भूमिका होती है। ऐसे प्रमुख संस्थानों में लंबे समय से खाली चल रहे नेतृत्व के पदों पर वरिष्ठ प्रवक्ताओं को प्रभार सौंपे जाने से इन संस्थानों की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और संस्थागत रूप से पूरी शिक्षण व्यवस्था को एक मजबूत आधार मिलेगा।
जानिए किन 17 जिलों के डायट में वरिष्ठ प्रवक्ताओं को सौंपी गई है प्रधानाचार्य पद की कमान
शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश के जिन 17 प्रमुख जिलों के डायट में वरिष्ठ प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, उनमें कई अनुभवी शिक्षाविद शामिल हैं। इस सूची के मुताबिक राजेश कुमार सिंह को बहराइच डायट, राम प्रताप सिंह कोश्रावस्ती डायट, विनोद कुमार को हमीरपुर डायट, मुक्तेश कुमार को फिरोजाबाद डायट, संजय कुमार को फर्रुखाबाद डायट, नवाब वर्मा को हाथरस डायट, दीपक श्रीवास्तव को ललितपुर डायट, अश्वनी प्रताप सिंह को जालौन डायट और विश्वदीपक त्रिपाठी को चंदौली डायट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विमलेश कुमार त्रिपाठी (मिर्जापुर), सुश्री रिद्धि पाण्डेय (सोनभद्र), सुनील कुमार (बलिया), कुलदीप नारायण सिंह (देवरिया), दीनानाथ (कुशीनगर), नरेन्द्र सिंह (संतकबीर नगर), आशीष चौहान (शाहजहांपुर) और नन्दित कुमार (झांसी) को भी उनके संबंधित डायट संस्थानों में प्रधानाचार्य पद का प्रभार मिला है।
एटा, इटावा और मऊ के डायट में तीन वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा गया है विशेष अतिरिक्त प्रभार
मुख्य 17 जिलों के अलावा प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए तीन अन्य महत्वपूर्ण जनपदों में अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की व्यवस्था की गई है। शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार आराध्य उपाध्याय, जो कि डायट अलीगढ़ में वरिष्ठ प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें डायट एटा के प्रधानाचार्य पद का अतिरिक्त प्रभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अतुल कुमार सिंह, जो वर्तमान में इटावा के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के पद पर सेवा दे रहे हैं, उन्हें डायट इटावा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त अतुल कुमार तिवारी, जो डायट मऊ में वरिष्ठ प्रवक्ता के पद पर हैं, उन्हें डायट मऊ के प्रधानाचार्य पद का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के लिए तमाम आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है। इन नियुक्तियों से यह तय हो गया है कि प्रदेश के हर जिले में भावी शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्य पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ता रहेगा।
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