
उत्तर प्रदेश के समूचे भूभाग पर मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ और उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी संयुक्त वेदर बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी यूपी के सहारनपुर और मेरठ से लेकर पूर्वांचल के बलिया और सोनभद्र तक बारिश का जोरदार सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के मध्य भाग से होकर गुजर रही सक्रिय मानसूनी ट्रफ लाइन के प्रभाव से वातावरण में नमी का भारी संचय हुआ है। इसके साथ ही अरब सागर से आ रही दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं और बंगाल की खाड़ी की पूर्वी पुरवैया हवाओं के टकराव के चलते प्रदेश के ऊपर सघन बादलों का एक विशाल घेरा बन गया है। इस मौसमी तंत्र के चलते मौसम विभाग ने राज्य के 22 से अधिक जनपदों में मूसलाधार वर्षा, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की गंभीर चेतावनी जारी करते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा से सटे तराई इलाकों में मानसूनी बादल सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखा रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने पूर्वांचल के कई जिलों में बादलों की तीव्र गर्जना के साथ भारी से अति-भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर और महराजगंज में लगातार रुक-रुक कर झमाझम वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) का सबसे अधिक खतरा बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों को अत्यधिक सतर्क रहने को कहा है।
तराई के बहराइच, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में तेज वृद्धि की आशंका जताई गई है।
मध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के जिलों में भी मानसूनी सिस्टम का गहरा असर दिखाई दे रहा है। बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। चित्रकूट और कर्वी क्षेत्र में पहले से ही जलभराव और पहाड़ी नालों के उफान के चलते राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
वहीं मध्य यूपी के प्रमुख जनपदों—राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, बाराबंकी और अयोध्या में गरज-चमक के साथ मूसलाधार फुहारों का अलर्ट है।
लगातार हो रही वर्षा के कारण लखनऊ और कानपुर के कई शहरी इलाकों, प्रमुख चौराहों और कॉलोनियों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के साथ-साथ उत्तर-पश्चिम से आ रही नम हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, इटावा और औरैया में तेज मेघगर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है।
रुहेलखंड और पश्चिमी छोर के जनपदों—बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। मुरादाबाद, रामपुर और बिजनौर में पहले ही रिकॉर्ड बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे निचली बस्तियों में पानी भर गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी संबंधित 22 से अधिक जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। गंगा, यमुना, सरयू (घाघरा), गोमती, बेतवा और केन नदियों के बढ़ते जलस्तर की निगरानी के लिए केंद्रीय जल आयोग (CWC) और सिंचाई विभाग की टीमों को तटबंधों पर तैनात किया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम वैज्ञानिकों ने आम नागरिकों व किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
-
वज्रपात से बचाव: बादल गरजने या बिजली चमकने के दौरान पक्के मकान में ही शरण लें। किसी भी परिस्थिति में अकेले बड़े पेड़, बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर या धातु के ढांचे के नीचे न खड़े हों।
-
दामिनी ऐप का उपयोग: ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली की सटीक और पूर्व चेतावनी पाने के लिए भारत सरकार के ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
-
किसानों के लिए कृषि परामर्श: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में जल निकासी (Drainage) के रास्तों को तुरंत खोलने की सलाह दी है। धान के खेतों में अत्यधिक जलभराव, गन्ने की जड़ों में सड़न और तिलहन/दलहन (अरहर, उड़द) की फसलों में उकठा रोग से बचाव के लिए आगामी 48 घंटों तक किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद या कीटनाशक का छिड़काव न करने की हिदायत दी गई है।
-
यातायात सावधानी: भारी बारिश के दौरान सड़कों पर दृश्यता कम होने और जलभराव के चलते गड्ढों के न दिखने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और उफनते रपटों या पुलियों को पार न करने की अपील की गई है।
Focus Times – Focus Times, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया