
आज की इस भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच हमारे शरीर को दुरुस्त रखने के लिए पोषण से भरपूर आहार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, जिसके लिए लोग तमाम तरह के महंगे सप्लीमेंट्स और दवाओं का सहारा लेते हैं। लेकिन प्रकृति ने हमें ऐसे कई अद्भुत और गुणकारी पौधे दिए हैं जिनके पत्तों और हिस्सों को अगर हम अपनी दैनिक खानपान की शैली का हिस्सा बना लें, तो शरीर में कभी भी किसी भी प्रकार के आवश्यक पोषक तत्वों, विटामिन्स और खनिजों की कोई कमी नहीं होगी। इन प्राकृतिक पौधों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि ये न केवल हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं, बल्कि हमारे शरीर की कोशिकाओं को अंदर से डिटॉक्स कर प्राकृतिक रूप से ऊर्जा प्रदान करते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इन नेचुरल सुपरफूड्स के नियमित सेवन की वकालत करते हैं ताकि आधुनिक जीवन की तमाम बीमारियों से बचाव किया जा सके और शरीर को लंबी उम्र तक स्वस्थ रखा जा सके।
इस सूची में सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण नाम मोरिंगा यानी सहजन के पौधों का आता है, जिसे आयुर्वेद में एक संपूर्ण औषधि माना गया है क्योंकि इसकी पत्तियों में दूध से कई गुना अधिक कैल्शियम और संतरे से कई गुना ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है। मोरिंगा की पत्तियों का पाउडर या इनकी ताजी पत्तियों का सेवन करने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है, शरीर की थकान दूर होती है और हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से सुधरता है। इसके साथ ही, हमारे रसोई घरों की शान बढ़ाने वाला करी पत्ता भी केवल स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि आयरन,ोलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस है जो बालों के झड़ने की समस्या को रोकने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। रोज सुबह खाली पेट या अपनी दाल-सब्जियों में इन दोनों पौधों के अंशों को शामिल करने से शरीर की अंदरूनी ताकत में जबरदस्त इजाफा होता है और आप दिनभर तरोताजा महसूस करते हैं।
प्रकृति के इस अनमोल उपहार में अगली कड़ी में तुलसी, पुदीना, हरा धनिया और ब्राह्मी जैसे आसानी से मिलने वाले पौधे शामिल हैं जो हमारी रसोई और गमलों की शोभा बढ़ाते हैं। तुलसी के पत्ते एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुणों से भरपूर होते हैं जो मौसमी संक्रमण और सर्दी-जुकाम से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं, जबकि पुदीना पेट की हर छोटी-बड़ी समस्या जैसे अपच, गैस और एसिडिटी को चुटकियों में दूर कर देता है। इसके अलावा, हरा धनिया शरीर में मौजूद हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करता है और किडनी तथा लिवर को स्वस्थ रखता है। वहीं, स्मरण शक्ति और मानसिक शांति के लिए जानी जाने वाली ब्राह्मी का पौधा बच्चों से लेकर बड़ों तक के ब्रेन हेल्थ के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिसके नियमित सेवन से याददाश्त तेज होती है और तनाव कम होता है। इन सभी छह पौधों को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करके आप बिना किसी साइड इफेक्ट के अपने पूरे परिवार को एक स्वस्थ और निरोगी जीवन उपहार में दे सकते हैं।
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