दुनिया की 10 सबसे ताकतवर मिलिट्री: फ्लीट साइज में अमेरिका सबसे आगे, सऊदी अरब भी शामिल

आज के दौर में किसी भी देश की संप्रभुता, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय रसूख का सबसे बड़ा पैमाना उसकी सैन्य ताकत यानी मिलिट्री फ्लीट साइज को माना जाता है। दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनावों, क्षेत्रीय विवादों और कूटनीतिक प्रतिस्पर्धाओं के कारण हर राष्ट्र अपनी सेना को आधुनिक और शक्तिशाली बनाने में दिन-रात जुटा हुआ है। कौन सा देश सैन्य साजो-सामान, युद्धक विमानों, नौसैनिक जहाजों और बख्तरबंद वाहनों के मामले में किस पायदान पर खड़ा है, इसे लेकर रक्षा विश्लेषकों और आम जनता के बीच हमेशा से भारी उत्सुकता रही है। जब हम वैश्विक स्तर पर कुल सैन्य फ्लीट साइज का व्यापक विश्लेषण करते हैं, तो यह बात खुलकर सामने आती है कि दुनिया के कुछ चुनिंदा महाशक्तियां रक्षा बजट और हथियारों के जखीरे के मामले में बाकी दुनिया से मीलों आगे निकल चुकी हैं। आधुनिक युद्ध रणनीतियों में पारंपरिक थल सेना के साथ-साथ उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर, पनडुब्बियां, अत्याधुनिक फाइटर जेट्स और ड्रोन बेड़े की संख्या किसी भी देश की जीत या हार का फैसला करने में सबसे अहम भूमिका निभाती है। इस ग्लोबल रैंकिंग में अमेरिका और रूस जैसी पारंपरिक महाशक्तियां दशकों से अपना दबदबा बनाए हुए हैं, वहीं एशियाई दिग्गजों का तेजी से उभरता हुआ सैन्य फ्लीट भी पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

अमेरिका का शीर्ष स्थान और रक्षा क्षेत्र में दुनिया के अन्य ताकतवर देशों का दबदबा

सैन्य फ्लीट साइज और वैश्विक मारक क्षमता के मामले में सुपरपावर अमेरिका दुनिया भर में निर्विवाद रूप से सबसे ऊपर यानी पहले स्थान पर काबिज है। अमेरिकी सेना के पास मौजूद अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स, दुनिया के सबसे खतरनाक स्टील्थ फाइटर जेट्स, परमाणु पनडुब्बियों और ग्लोबललॉजिस्टिक्स नेटवर्क का मुकाबला इस समय पृथ्वी पर कोई दूसरा देश नहीं कर सकता है। अमेरिका अपनी रक्षा अनुसंधान और हथियारों के आधुनिकीकरण पर सालाना अरबों-खरबों डॉलर खर्च करता है, जिससे उसकी सैन्यक साजो-सामान की फ्लीट हमेशा अपग्रेड और तैयार रहती है। इस टॉप 10 सूची में अमेरिका के अलावा रूस, चीन और अन्य प्रमुख रक्षा संपन्न देश भी शामिल हैं, जो अपनी विशाल सेना और युद्धक उपकरणों के दम पर वैश्विक राजनीति को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इस लिस्ट में मध्य पूर्व का सबसे रसूखदार देश सऊदी अरब भी अपनी अत्याधुनिक और विशाल सैन्य संपत्तियों के बल पर अपनी मजबूत जगह बनाए हुए है। सऊदी अरब ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के सबसे महंगे और आधुनिक रक्षा उपकरण खरीदकर अपने मिलिट्री फ्लीट को बेहद ताकतवर बना लिया है। इन सभी देशों की रक्षा रणनीतियां और उनका विशाल फ्लीट साइज इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए आज भी हर देश अपनी सैन्य ताकत को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

भारतीय सेना की स्थिति, रणनीतिक ताकत और भविष्य का रक्षा परिदृश्य

दुनिया की इस बहुप्रतीक्षित टॉप 10 मिलिट्री फ्लीट साइज की सूची में भारत की स्थिति बेहद मजबूत, गौरवशाली और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दुनिया के सबसे बड़े रक्षा बलों में शुमार भारतीय सेना अपने विशाल जनबल के साथ-साथ लगातार स्वदेशी और आधुनिक हथियारों के दम पर अपने फ्लीट को तेजी से विस्तार दे रही है। भारत के पास थल सेना, वायु सेना और नौसेना का एक ऐसा समन्वित बेड़ा है जो किसी भी मोर्चे पर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नीतियों के कारण अब देश में ही प्रचंड हेलीकॉप्टर, तेजस फाइटर जेट, आईएनएस विक्रांत जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर और ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहा है, जिससे भारत का मिलिट्री फ्लीट और अधिक घातक हो गया है। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की नौसैनिक फ्लीट की ताकत का लोहा आज पूरी दुनिया मानती है, और चीन जैसे आक्रामक पड़ोसियों के मुकाबले भारत लगातार अपनी रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं को अपग्रेड कर रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत अपनी उन्नत तकनीकों और बढ़ते रक्षा बजट के दम पर वैश्विक सैन्य रैंकिंग में और अधिक ऊंची छलांग लगाएगा, जो देश की सीमाओं की सुरक्षा और उसकी वैश्विक साख को और अधिक मजबूत करेगा।