
बॉलीवुड की जानी-मानी और लोकप्रिय अभिनेत्री कृति सेनन इन दिनों अपनी फिल्मों के साथ-साथ एक बेहद गंभीर सामाजिक मुद्दे पर अपनी बेबाक राय को लेकर चर्चा में आ गई हैं। देश की राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर के पास हुई एक नाबालिग से दरिंदगी की वारदात और बिहार के जमुई में सामने आए शर्मनाक मामलों के बीच जब हर तरफ महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सन्नाटा या फिर अजीब सी बहस छिड़ी हुई थी, तब अभिनेत्री ने सोशल मीडिया के जरिए बिना कुछ ज्यादा बोले भी समाज की इस सड़ी-गली मानसिकता पर करारा प्रहार किया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके द्वारा री-शेयर की गई कुछ पोस्ट और लाइक किए गए कंटेंट ने यह साफ कर दिया है कि वे महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और समाज की उस दोषपूर्ण सोच से बेहद आहत हैं, जो हर घटना के बाद पीड़िता के कपड़ों, उसके बाहर निकलने के समय और उसके चरित्र पर सवाल उठाना शुरू कर देता है।
देश में जब भी महिलाओं के खिलाफ कोई घिनौना अपराध या दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो समाज का एक तबका तुरंत पीड़ित लड़की से ही ऐसे सवाल पूछने लगता है कि ‘उसने क्या पहना था?’, ‘वह रात को बाहर क्यों गई थी?’ या ‘वह कहां और किसके साथ थी?’ इन संकीर्ण और पितृसत्तात्मक सवालों की धज्जियां उड़ाने वाली एक पोस्ट को जब कृति सेनन ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर री-शेयर किया, तो वह इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया। इस पोस्ट में बहुत ही स्पष्ट शब्दों में यह लिखा गया था कि अब वक्त आ गया है जब हमें महिलाओं को यह सिखाना बंद कर देना चाहिए कि वे हमलों से बचने के लिए खुद को कैसे छिपाएं, बल्कि इसके उलट लड़कों और पुरुषों को यह सिखाना शुरू करना चाहिए कि वे महिलाओं का सम्मान करें, उन पर नियंत्रण न रखें और किसी पर भी हमला न करें। अभिनेत्री की इस एक्टिविटी को देश भर की महिलाओं का समर्थन मिल रहा है और लोग कह रहे हैं कि एक सेलिब्रिटी होने के नाते उन्होंने बेहद संवेदनशील मुद्दे पर सही समय पर अपनी बात रखी है।
समाज की दोहरी प्राथमिकताओं और प्राथमिक मुद्दों से भटकाव पर तीखा सवाल
कृति सेनन द्वारा समर्थित और री-शेयर की गई दूसरी पोस्ट में इस बात पर भी करारा तंज कसा गया था कि हमारे देश की प्राथमिकताएं कितनी अजीब और विसंगतिपूर्ण हो चुकी हैं। उस पोस्ट में लिखा गया था कि इस देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसी गंभीर मौतों पर उतना बड़ा जन-आक्रोश या गुस्सा देखने को नहीं मिलता, जितना गुस्सा किसी अभिनेत्री के कपड़ों या त्योहारों पर पहने गए विज्ञापनों के आउटफिट्स को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के रूप में फूट पड़ता है। जानकारों का मानना है कि हाल ही में एक ज्वैलरी ब्रांड के विज्ञापन में उनके पहने गए कपड़ों को लेकर कुछ लोगों द्वारा अनावश्यक आलोचना की गई थी, जिसके बाद इस तरह के दोहरे मानदंडों पर यह करारा जवाब माना जा रहा है। दिल्ली के कालकाजी इलाके में हुई दिल दहला देने वाली घटना और बिहार के जमुई में हुई शर्मनाक घटनाओं के बाद जिस तरह से देश भर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे समय में एक बड़ी अभिनेत्री का इस तरह खुलकर महिलाओं के पक्ष में खड़े होना एक सकारात्मक संदेश देता है।
महिलाओं की सुरक्षा और सोच बदलने की है सख्त जरूरत
इस पूरी सोशल मीडिया डिबेट के सामने आने के बाद से यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि क्या हमारे देश में महिलाओं के प्रति नजरिया वाकई बदल रहा है या हम आज भी उसी पुरानी और दबी हुई मानसिकता के साथ जी रहे हैं। जब तक समाज पीड़ित के कपड़ों और उसके तौर-तरीकों को दोष देना बंद नहीं करेगा, तब तक अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म नहीं किया जा सकता। कृति सेनन ने भले ही इन मामलों पर कोई लंबा-चौड़ा भाषण न दिया हो, लेकिन उन्होंने जिन विचारों और पोस्टों को हवा दी है, उन्होंने समाज के उन ठेकेदारों को आईना दिखा दिया है जो हर घटना के बाद विकृत सवाल खड़े करने लगते हैं। जनता अब यह मांग कर रही है कि केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि देश के हर नागरिक और कानून व्यवस्था संभालने वाले तंत्र को मिलकर ऐसा सख्त माहौल बनाना होगा जहां बेटियां बिना किसी डर के खुलकर सांस ले सकें और अपराधियों को तुरंत व कठोर सजा मिल सके।
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