
अमेरिका में उस समय एक बेहद हास्यास्पद और शर्मनाक स्थिति पैदा हो गई, जब देश के शीर्ष नेताओं, सांसदों और महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारियों ने अमरीकी नौसेना (US Navy) के स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर भारतीय नौसेना के युद्धपोतों (Indian Navy Warships) की तस्वीरें शेयर कर दीं। यूएस नेवी को बधाई देने की जल्दबाजी में अमेरिकी नेताओं ने बिना किसी जांच-परख के ऐसे नौसैनिक जहाजों की फोटो पोस्ट कर दीं, जो अमेरिकी बेड़े का हिस्सा ही नहीं थे। इस ऐतिहासिक मौके पर अपनी ही सेना के जहाजों को न पहचान पाने और भारतीय नौसेना के शक्तिशाली युद्धपोतों की तस्वीरें इस्तेमाल करने को लेकर इंटरनेट पर नेटिजन्स और रक्षा विशेषज्ञों ने अमेरिकी नेताओं की जमकर क्लास लगाई।
विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका के कई जाने-माने रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से नौसेना को बधाई देने वाले ग्राफिक्स और तस्वीरें पोस्ट की गईं। इन पोस्ट्स में अमेरिकी विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) की जगह भारतीय नौसेना के फ्लैगशिप एयरक्राफ्ट कैरियर ‘INS विक्रमादित्य’ और अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट ‘INS त्रिकंद’ को प्रमुखता से दिखाया गया था। सोशल मीडिया यूज़र्स और मिलिट्री एनालिस्ट्स ने मिनटों के भीतर इस भारी चूक को पकड़ लिया। रक्षा प्रेमियों ने तुरंत ओरिजिनल तस्वीरों के सोर्स ढूंढ निकाले और अमेरिकी नेताओं को टैग करते हुए लिखा कि जिस नौसेना पर पूरे अमेरिका को गर्व है, उसके नेताओं को अपनी ही नेवी और भारतीय नौसेना के जहाजों में अंतर समझ नहीं आता है।
इस बड़ी गलती के सामने आने के बाद कई अमेरिकी नेताओं को आनन-फानन में अपनी पुरानी पोस्ट डिलीट करनी पड़ी, लेकिन तब तक उनके पोस्ट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुके थे। विश्लेषकों का मानना है कि यह गलती नेताओं की सोशल मीडिया और मीडिया मैनेजमेंट टीमों की घोर लापरवाही का नतीजा है। इंटरनेट पर ‘Navy Warship’ या ‘Aircraft Carrier’ सर्च करने पर मिलने वाली पहली कुछ एचडी तस्वीरों में से भारतीय जहाजों की फोटो उठाकर ग्राफिक्स बना दिए गए। कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि आधुनिक जनरेटिव एआई टूल्स का बिना सोचे-समझे इस्तेमाल करने से ऐसे भ्रम की स्थिति पैदा होती है, जहां एआई डिज़ाइनर ने भारतीय जहाजों को अमेरिकी बेड़े के रूप में मिक्स कर दिया।
भले ही इस घटनाक्रम से अमेरिकी नेताओं को सोशल मीडिया पर भारी फजीहत और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा हो, लेकिन भारतीय रक्षा प्रेमियों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया। भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य और गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS त्रिकंद की शानदार और आक्रामक तस्वीरें अमेरिकी नौसेना के आधिकारिक बधाई संदेशों में छा जाना भारतीय नौसैनिक ताकत की वैश्विक पहचान को दर्शाता है। हिंद महासागर में भारतीय नौसेना का दबदबा और उसके बेड़े का आकर्षण ऐसा है कि दुनिया की सबसे ताकतवर माने जाने वाली अमेरिकी नौसेना के प्रचार तंत्र को भी अनजाने में ही सही, भारत के युद्धपोतों का सहारा लेना पड़ा।
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