इन 3 सेक्टर्स पर मोदी सरकार का स्पेशल फोकस

भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने और ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 3 सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों—मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण), डिजिटल इकोसिस्टम व क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, और ऊर्जा सुरक्षा व इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना विशेष ध्यान केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद स्पष्ट किया है कि भारत अब केवल एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं रहने वाला, बल्कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनने के सपने को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में आक्रामक कदम उठा रहा है। इन प्रमुख क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने नीतिगत सुधारों, पीएलआई (PLI) स्कीमों और रिकॉर्ड बजटीय आवंटन के जरिए जमीनी स्तर पर बड़े बदलावों की रूपरेखा तैयार की है।

देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार का सबसे पहला और बड़ा दांव मैन्युफैक्चरिंग यानी विनिर्माण क्षेत्र पर है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत देश में इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा जैसे सेक्टरों में घरेलू उत्पादन को अभूतपूर्व गति दी गई है। प्रधानमंत्री के अनुसार, बीते एक दशक में भारत का रक्षा उत्पादन चार गुना और मोबाइल फोन निर्माण 35 गुना से अधिक बढ़ा है। इसके अलावा, बजट के जरिए देश के 200 पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने और छोटे व मध्यम उद्योगों को ‘चैंपियन SMEs’ में बदलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे न केवल स्थानीय विनिर्माण मजबूत होगा बल्कि करोड़ों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

दूसरा प्रमुख क्षेत्र जिस पर केंद्र सरकार सबसे ज्यादा जोर दे रही है, वह है आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक तकनीक (Critical & Emerging Technologies)। भारत को सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं बल्कि निर्माता बनाने के विजन के साथ नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। देश में सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों के शुरू होने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G विस्तार और बायोफार्मा सेक्टर के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ जैसी 10,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजनाओं की शुरुआत की गई है। डिजिटल पेमेंट्स और सस्ते डेटा के बल पर तैयार हुआ यह डिजिटल इकोसिस्टम भारतीय युवाओं, स्टार्टअप्स और टेक उद्यमियों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच और विकास का नया मंच बन चुका है।

तीसरा और सबसे मजबूत स्तंभ ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास है। भविष्य की तकनीक, डेटा सेंटरों और उद्योगों की विशाल बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने परमाणु ऊर्जा के लिए ‘शांति एक्ट’ (SHANTI Act) और ग्रीन हाइड्रोजन व सोलर पावर जैसे स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों में बड़े पैमाने पर निवेश शुरू किया है। इसके साथ ही, लगभग 11 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) के साथ नेशनल हाईवे नेटवर्क, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए वॉटरवे और शहरों में ई-बस कनेक्टिविटी जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सबसे टिकाऊ रास्ता है।