काठमांडू/झापा: नेपाल की राजनीति में आज एक ऐसा भूचाल आया है जिसने दशकों पुराने राजनीतिक किलों को ढहा दिया है। ‘रैपर’ से राजनेता बने और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने पूर्वी नेपाल के झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट दिग्गज केपी शर्मा ओली को धूल चटा दी है। बालेन शाह ने न केवल जीत हासिल की, बल्कि ओली को उनके अपने ही गढ़ में लगभग 50 हजार वोटों के विशाल अंतर से हराकर नेपाल के संसदीय इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
ऐतिहासिक मैंडेट: 1991 के बाद सबसे बड़ी जीत
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की ओर से प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में उतरे बालेन शाह को कुल 68,348 वोट मिले। वहीं, पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली महज 18,734 वोटों पर सिमट कर रह गए। शाह को मिला यह जनसमर्थन 1991 के बाद नेपाल के संसदीय चुनावों में किसी भी उम्मीदवार को मिला सबसे बड़ा मैंडेट है। इस जीत ने साफ कर दिया है कि नेपाल की जनता अब पुराने चेहरों के बजाय युवा और विद्रोही तेवर वाले नेतृत्व पर भरोसा कर रही है।
झापा-5 में ओली का तिलिस्म टूटा
केपी शर्मा ओली के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले झापा-5 से जब बालेन शाह ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, तब कई राजनीतिक पंडितों ने इसे एक ‘आत्मघाती कदम’ बताया था। लेकिन शनिवार शाम के नतीजों ने सबको चौंका दिया। यह दूसरी बार है जब ओली को झापा में हार का स्वाद चखना पड़ा है; इससे पहले 2008 में माओवादी लहर के दौरान उन्हें हार मिली थी। हालांकि, बालेन शाह के हाथों मिली यह हार उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी क्षति मानी जा रही है।
नेपाल में ‘आरएसपी’ की सुनामी
बालेन शाह की जीत महज एक सीट की कहानी नहीं है, बल्कि यह उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की देशव्यापी लहर का हिस्सा है। शनिवार शाम तक के रुझानों के मुताबिक, आरएसपी 165 सीटों में से 61 पर जीत दर्ज कर चुकी है और अन्य 61 सीटों पर आगे चल रही है। अगर यही रुझान जारी रहा, तो 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में आरएसपी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना सकती है। नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल जैसी पारंपरिक पार्टियों के कथित भ्रष्टाचार और खराब प्रदर्शन से त्रस्त जनता ने नई पीढ़ी को पलकों पर बिठा लिया है।
महज 4 साल में मेयर से PM पद के दावेदार तक का सफर
बालेन शाह का राजनीतिक उत्थान किसी फिल्मी पटकथा जैसा है। साल 2022 में उन्होंने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर पद का चुनाव जीता और पारंपरिक राजनीति की चूलें हिला दीं। उनके विद्रोही व्यक्तित्व और सोशल मीडिया पर बेबाक अंदाज ने उन्हें युवाओं का ‘आइकन’ बना दिया। मेयर के रूप में उनके कड़े फैसलों और रबी लामिछाने जैसे नेताओं के साथ मिलकर आरएसपी को खड़ा करने की मेहनत का नतीजा आज सबके सामने है। अब बालेन शाह का नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
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