नई दिल्ली। सितंबर महीने के अंतिम दिनों और अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में ग्रहों की चाल सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रही है। 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 का यह सप्ताह कई राशियों के लिए पेशेवर जीवन में तरक्की, अटका हुआ धन वापस मिलने और नई व्यापारिक साझेदारियों के लिए अत्यंत शुभ …
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करियर और बिजनेस में तरक्की की नई उड़ान: फेंगशुई ड्रैगन टर्टल चमकाएगा सोई किस्मत, बस ध्यान रखें ये 3 जरूरी बातें
नई दिल्ली। आज के दौर में जब हर कोई अपने करियर में मनचाहा प्रमोशन, पदोन्नति और बिजनेस में मुनाफा कमाने के लिए दिन-रात पसीना बहाता है, तब कई बार कड़ी मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम हाथ नहीं लगते। फेंगशुई और वास्तु विज्ञान के अनुसार, जब आपके कार्यस्थल या निवास स्थान की सकारात्मक ऊर्जा में रुकावट आ जाती है, तो प्रगति …
Read More »शादीशुदा जिंदगी में बार-बार होता है क्लेश? रिश्ते में अटूट प्यार और भरोसा भरने के लिए अपनाएं आचार्य चाणक्य के ये 3 अचूक नियम
नई दिल्ली। वैवाहिक जीवन दो अलग-अलग विचारों, व्यक्तित्वों और प्राथमिकताओं वाले व्यक्तियों का एक पवित्र संगम होता है। जब दो लोग एक छत के नीचे साथ रहने लगते हैं, तो छोटी-मोटी बातों पर असहमति होना स्वाभाविक है। हालांकि, जब यही सामान्य नोकझोंक रोजमर्रा के कटु झगड़े, तनाव और मानसिक दूरी में बदलने लगे, तो पूरे घर की सुख-शांति भंग हो …
Read More »पितृ पक्ष 2026: इस बार 16 नहीं बल्कि 15 दिन होंगे श्राद्ध, जानिए ‘तिथि क्षय’ का दुर्लभ गणित और शनिवार के संयोग का महत्व
सनातन हिंदू धर्म और वैदिक परंपरा में पितृ पक्ष यानी महालय का काल पितरों, दिवंगत पूर्वजों और कुल देवताओं के प्रति असीम कृतज्ञता व तर्पण अर्पित करने का सबसे पवित्र और संवेदनशील समय माना जाता है। इस अवधि में प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी अपने दिवंगत माता-पिता और पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्रद्धापूर्वक पिंडदान, तिल तर्पण और ब्राह्मण भोज के …
Read More »बुध का तुला राशि में महागोचर: लक्ष्मी नारायण योग से मेष, मिथुन और तुला समेत 6 राशियों की बदलेगी किस्मत, कारोबार में बंपर लाभ
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध देव 26 सितंबर 2026 को अपनी मित्र राशि तुला में विधिवत प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिषीय सिद्धांतों के अनुसार, नवग्रहों में बुध ग्रह को मानव मस्तिष्क की तार्किक क्षमता, बौद्धिक चातुर्य, अभिव्यक्ति, संवाद कौशल, वित्तीय प्रबंधन और वाणिज्यिक व्यापार का नैसर्गिक कारक ग्रह माना गया है। वहीं दूसरी …
Read More »Ganesh Visarjan 2026: ऑफिस से लौटने के बाद करें बप्पा को विदा, आज रात 9 बजे के बाद मिलेगा विसर्जन का आखिरी शुभ मुहूर्त
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से घर-घर और भव्य सार्वजनिक पंडालों में विराजित प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश का दस दिवसीय महापर्व आज अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर विसर्जन के साथ पूर्णता की ओर बढ़ रहा है। देश भर के श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के गगनभेदी जयकारों और नम आंखों के साथ …
Read More »गरुड़ पुराण के ये गुप्त नियम खोलते हैं मोक्ष के द्वार: जन्म-मरण के बंधन और 84 लाख योनियों से मुक्ति पाने के अचूक मार्ग
सनातन हिंदू धर्म और वैदिक दर्शन में मानव जीवन का परम और चरम साध्य ‘मोक्ष’ को माना गया है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—इन चार पुरुषार्थों में मोक्ष को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है, जिसका सीधा अर्थ है जीवात्मा का 84 लाख योनियों के आवागमन, सांसारिक क्लेशों और बार-बार के जन्म व मृत्यु के अंतहीन चक्र से सदा के लिए …
Read More »सबसे पहले किसने किया था अपने पितरों का श्राद्ध? जानिए पौराणिक कथा जो बन गई आज का पितृपक्ष पर्व
सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में पितृपक्ष (Pitru Paksha 2026) का सोलह दिनों का यह विशेष काल पूर्वजों के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन अवसर माना जाता है। हर साल भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन मास की अमावस्या तक चलने वाले इस महालय पर्व के दौरान लोग अपने दिवंगत पूर्वजों …
Read More »किचन स्लैब पर भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, वास्तु दोष से रुक जाती है घर की बरकत
भारतीय सनातन संस्कृति और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में हमारे घर के हर एक कोने और वस्तु का विशेष महत्व बताया गया है, जिसमें रसोईघर (Kitchen) को सबसे पवित्र और ऊर्जा का मुख्य केंद्र माना जाता है। रसोईघर वह स्थान है जहाँ पूरे परिवार के लिए अन्न बनता है जो सभी के स्वास्थ्य और जीवन की ऊर्जा को तय करता …
Read More »क्या आंखों से ओझल होने के बाद भी हमारे जीवन पर रहता है पितरों का प्रभाव
सनातन संस्कृति और हिंदू परंपराओं में पितृपक्ष (Pitru Paksha 2026) का यह सोलह दिनों का विशेष काल केवल शोक या कर्मकांड का समय नहीं है, बल्कि यह अपने पूर्वजों के प्रति अगाध कृतज्ञता, प्रेम और स्मरण प्रकट करने का सबसे पवित्र अवसर माना जाता है। आधुनिक विज्ञान के इस भौतिकवादी दौर में अक्सर यह सवाल उठता है कि जब हमारे …
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