Hardik Pandya Ruled Out: चोट के चलते अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर हुए हार्दिक पांड्या

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में जब भी एक संतुलित और आक्रामक प्लेइंग इलेवन की बात होती है, तो उसमें तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडर और संकटमोचक माने जाने वाले हार्दिक पांड्या की राष्ट्रीय टीम में वापसी की राह में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक और शारीरिक रोड़ा आ गया है। आगामी 13 सितंबर से नई दिल्ली के ऐतिहासिक अरुण जेटली स्टेडियम में शुरू होने वाली तीन मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज के लिए जब बीसीसीआई ने भारतीय टीम की घोषणा की, तो उसमें एक बड़ा चौकाने वाला नाम नदारद था। भारत के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या पैर में नई चोट उभरने और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में आई बाधा के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली इस आगामी घरेलू टी20 श्रृंखला से आधिकारिक रूप से बाहर हो गए हैं। इस ताजा झटके ने उनके प्रशंसकों और टीम प्रबंधन दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

भारतीय टीम के मुख्य ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अपनी खोई हुई लय को हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दमदार वापसी के लिए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में लंबे समय से कठोर प्रशिक्षण और रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पांड्या की रिकवरी प्रक्रिया शुरुआती दौर में बेहद संतोषजनक चल रही थी और वे नेट्स पर पूरी तीव्रता और गति के साथ गेंदबाजी का अभ्यास भी कर रहे थे। लेकिन दुर्भाग्यवश, इसी अभ्यास के दौरान उनके पैर में एक बार फिर हल्की तकलीफ और खिंचाव महसूस हुआ। इस नई परेशानी के सामने आने के बाद मेडिकल स्टाफ और खेल विज्ञान विशेषज्ञों ने उन्हें तत्काल प्रभाव से गेंदबाजी रोकने की सलाह दी, ताकि चोट अधिक गंभीर न हो सके। हालांकि वे चलने-फिरने और सामान्य बल्लेबाजी करने में पूरी तरह सहज हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए आवश्यक फिटनेस के सर्वोच्च मानक तक पहुंचना इस अल्प अवधि में संभव नहीं हो पाया।

टीम चयन से ठीक पहले स्थिति स्पष्ट करते हुए बीसीसीआई से जुड़े एक करीबी सूत्र ने मीडिया को जानकारी दी कि हार्दिक पांड्या बिना किसी शिकायत के पूरी ऊर्जा के साथ गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन अचानक उभरी पैर की समस्या ने सब कुछ बदल दिया। सूत्र ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उनके बल्ले से शॉट खेलने में कोई बड़ी बाधा नहीं थी, किंतु चयन समिति किसी भी खिलाड़ी को बिना सौ फीसदी फिटनेस के राष्ट्रीय दल में शामिल करने का जोखिम नहीं उठा सकती है। चूंकि अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला बेहद नजदीक आ चुकी है और टीम प्रबंधन को आने वाले समय में कई कड़े विदेशी दौरों तथा बहु-राष्ट्र टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना है, इसलिए यह अनिवार्य समझा गया कि पांड्या को पूरी तरह से ठीक होने का पर्याप्त समय दिया जाए। इस प्रकार, फिटनेस के मापदंडों पर खरा न उतर पाने के कारण चयनकर्ताओं को उन्हें इस सीरीज से बाहर रखने का कठिन निर्णय लेना पड़ा।

हार्दिक पांड्या की फिटनेस का यह मुद्दा पिछले कुछ समय से भारतीय टीम के लिए सिरदर्द बना हुआ है। यदि उनके हालिया क्रिकेट करियर पर नजर डाली जाए, तो उन्होंने अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला गत 24 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान मुंबई इंडियंस की तरफ से खेला था। वहीं, भारत की नीली जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 8 मार्च को टी20 विश्व कप का ऐतिहासिक फाइनल मुकाबला था। उसके बाद से लेकर अब तक, यानी पिछले कई महीनों से यह 32 वर्षीय अनुभवी ऑलराउंडर खेल के मैदान से पूरी तरह दूर चल रहा है। इस दौरान वे अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू श्वेत-गेंद श्रृंखला के साथ-साथ आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए महत्वपूर्ण दौरों से भी बाहर ही रहे हैं। ताजा घटनाक्रम के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पटल पर उनकी बहुप्रतीक्षित वापसी का यह इंतजार थोड़ा और लंबा खिंच सकता है।

हार्दिक पांड्या के अंतिम समय में टीम से बाहर हो जाने के बाद चयनकर्ताओं ने एक बार फिर युवा और प्रतिभावान ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी पर अपना भरोसा जताया है। हार्दिक की अनुपस्थिति में नीतीश को इस पूरी श्रृंखला के लिए टीम में अपनी जगह बरकरार रखने का अवसर मिल गया है। यदि मैच के दिन पिच और मौसम की परिस्थितियां एक तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर के पूरी तरह अनुकूल रहीं, तो टीम प्रबंधन उन्हें निचले क्रम यानी आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतार सकता है। इसके विपरीत, यदि सामरिक रूप से स्पिन या अन्य विकल्पों की अधिक आवश्यकता महसूस हुई, तो टीम प्रबंधन अनुभवी वाशिंगटन सुंदर को प्राथमिकता दे सकता है, जिन्हें भी 15 सदस्यीय दल में शामिल किया गया है, हालांकि उनका खेलना भी उनकी वर्तमान फिटनेस रिपोर्ट पर ही निर्भर करेगा।

चयन समिति द्वारा घोषित इस संतुलित और मजबूत 15 सदस्यीय भारतीय दल में निम्नलिखित खिलाड़ी शामिल हैं:

  • श्रेयस अय्यर (कप्तान)

  • तिलक वर्मा (उपकप्तान)

  • अभिषेक शर्मा

  • वैभव सूर्यवंशी

  • संजू सैमसन (विकेटकीपर)

  • इशान किशन (विकेटकीपर)

  • शिवम दुबे

  • नितीश कुमार रेड्डी (फिटनेस के अधीन)

  • अक्षर पटेल

  • वाशिंगटन सुंदर (फिटनेस के अधीन)

  • वरुण चक्रवर्ती

  • रवि बिश्नोई

  • जसप्रित बुमरा (फिटनेस के अधीन)

  • अर्शदीप सिंह

  • हर्षित राणा (फिटनेस के अधीन)