ईरान का अमेरिका पर भीषण पलटवार: जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर दागीं 20 बैलिस्टिक मिसाइलें, होर्मुज में एडवांस US अंडरवॉटर ड्रोन कब्जाने का दावा

पश्चिम एशिया के रणक्षेत्र में तनाव अब उस मोड़ पर पहुंच चुका है जहां से बड़े युद्ध की आशंका और गहरा गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा खाड़ी क्षेत्र में ईरान के पांच बड़े कच्चे तेल वाहक टैंकरों को सटीक हमलों में नष्ट किए जाने के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भारी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान की सेना ने जॉर्डन के अल-अजराक में स्थित अमेरिका संचालित मुवफ्फक साल्ती एयरबेस (Muwaffaq Salti Air Base) को निशाना बनाते हुए 20 शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी। ईरानी सैन्य कमान का दावा है कि इस बेस का इस्तेमाल अमेरिकी लड़ाकू विमानों की तैनाती, हथियार लोडिंग और मेंटेनेंस शेल्टर के रूप में किया जा रहा था, जिस पर सीधे और भारी प्रहार किए गए हैं।

ईरान द्वारा दागी गई इस मिसाइल श्रृंखला के बाद जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में तेज सायरन बज उठे। जॉर्डन की सेना (Jordanian Armed Forces) ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि उनके आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 में से 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को आसमान में ही ट्रैक कर नष्ट कर दिया। बाकी बची दो मिसाइलें आबादी से दूर खुले और गैर-रिहायशी इलाकों में गिरीं। जॉर्डन के रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में किसी भी आम नागरिक या सैन्य कर्मी के हताहत होने की खबर नहीं है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि हमले के बाद जॉर्डन में तैनात सभी अमेरिकी सैनिकों का सुरक्षित मिलान कर लिया गया है।

इस भीषण मिसाइल हमले के बीच ईरानी नौसेना ने एक और सनसनीखेज दावा करके वाशिंगटन को झटका दिया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन और आईआरजीसी ने एक वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि उसने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के मुहाने पर एक जटिल खुफिया ऑपरेशन चलाकर अमेरिकी नौसेना के एक उन्नत स्वायत्त मानवरहित अंडरवॉटर व्हीकल (AUV/Drone) को पकड़ लिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, जब्त किया गया सबमर्सिबल ड्रोन कैलिफोर्निया की प्रमुख रक्षा फर्म एंडुरिल इंडस्ट्रीज (Anduril Industries) द्वारा निर्मित ‘डाइव-एलडी’ (Dive-LD) ऑटोनॉमस व्हीकल है, जिसे आधुनिक रडार और निगरानी तकनीक से लैस बताया गया।

ईरान के इस दावे पर अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन और अमेरिकी अधिकारियों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। रॉयटर्स के हवाले से अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि मध्य पूर्व के जलक्षेत्र में अमेरिकी सेना का एक अंडरवॉटर ड्रोन तकनीकी खराबी (Malfunction) के कारण भटक गया था। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के खुफिया तकनीक हासिल करने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह एक पुराना मॉडल था, जिसमें कोई क्लासिफाइड या संवेदनशील सोनार व रडार उपकरण मौजूद नहीं थे। दूसरी ओर, आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि उसने खाड़ी में गश्त कर रहे दो अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाजों (DDG-119 और DDG-53) पर भी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी कमान का कहना है कि युद्धपोत हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रहे।

मिसाइल हमलों, ड्रोन विवाद और तेल टैंकरों पर जारी हमलों की इस श्रृंखला ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में आग लगा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम तेजी से चढ़ते हुए $99 से $100 प्रति बैरल के स्तर को छूने लगे हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक वाशिंगटन उसके जहाजों और हितों पर हमले नहीं रोकता, तब तक उसके सैन्य अभियान जारी रहेंगे। खाड़ी क्षेत्र में दोनों ताकतों के बीच जारी यह सीधी जवाबी कार्रवाई पूरे क्षेत्र को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट की ओर धकेल रही है।