ईशान किशन ने दिलीप ट्रॉफी फाइनल में खेली 270 रनों की ऐतिहासिक पारी, आकाश चोपड़ा ने की जमकर तारीफ

भारतीय घरेलू क्रिकेट में इन दिनों रोमांच अपने चरम पर है और दिलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला एक यादगार मैच बन चुका है। चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीमें आमने-सामने हैं। मैच की शुरुआत में ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और मैदान पर रनों का ऐसा अंबार लगाया कि विपक्षी टीम दबाव में आ गई। ईस्ट जोन की तरफ से कप्तान और स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी बेहतरीन तकनीक, गजब के संयम और आक्रामक रुख का परिचय देते हुए एक ऐतिहासिक पारी खेली। ईशान किशन ने इस उच्च दबाव वाले फाइनल मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 270 रनों की विशाल और यादगार पारी खेली। उनकी इस मैराथन पारी ने न सिर्फ टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि भारतीय घरेलू सर्किट में उनके जलवे को फिर से साबित कर दिया। क्रीज पर टिककर खेलने की उनकी कला और मुश्किल परिस्थितियों में रन बनाने की क्षमता ने साबित कर दिया कि वह लाल गेंद के क्रिकेट में लंबी रेस का घोड़ा बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

आकाश चोपड़ा ने की ईशान किशन की प्रतिबद्धता और खेल के प्रति समर्पण की सराहना

ईशान किशन की इस अद्भुत और प्रेरणादायक पारी के बाद क्रिकेट जगत से उनकी तारीफों के पुल बंधने लगे हैं। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज और जाने-माने क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर खुलकर ईशान किशन की तारीफ की। चोपड़ा ने कहा कि घरेलू क्रिकेट में अपनी वापसी के बाद से ही ईशान लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और लाल गेंद के क्रिकेट यानी रणजी और दिलीप ट्रॉफी जैसे फॉर्मेट को पूरी गंभीरता से खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईशान ने अपनी बल्लेबाजी में परिपक्वता दिखाई है और वह मैदान पर पूरी प्रतिबद्धता और मानसिक एकाग्रता के साथ उतर रहे हैं। आकाश चोपड़ा ने आगे बताया कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब ईशान किशन के करियर में कुछ उथल-पुथल देखने को मिली थी, जब उनके चयन और खेलने की इच्छा को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं थीं। लेकिन इस शानदार पारी ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है और यह बता दिया है कि जब मौका मिलता है तो यह युवा खिलाड़ी अपनी काबिलियत से इतिहास बदलने का माद्दा रखता है।

ईस्ट जोन ने पहली पारी में बनाए विशाल 708 रन, साउथ जोन पर मंडराया हार का खतरा

दिलीप ट्रॉफी के इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। कप्तान ईशान किशन के 270 रनों के अलावा अन्य बल्लेबाजों के सराहनीय योगदान के दम पर ईस्ट जोन ने पहली पारी में कुल 708 रनों का विशाल स्कोर बनाया। घरेलू क्रिकेट के इतिहास में फाइनल जैसे बड़े मंच पर ऐसा स्कोर बनाना किसी भी टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाला होता है। इस massive स्कोर के जवाब में जब साउथ जोन की टीम पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी, तो ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। साउथ जोन की टीम पर पहली पारी के आधार पर बढ़त हासिल करने का भारी दबाव था। ईस्ट जोन की धारदार गेंदबाजी के आगे साउथ जोन के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए और पारी के 61 ओवर तक आते-आते उनके 5 महत्वपूर्ण विकेट मात्र 189 रनों पर ही गिर चुके थे। इस तरह साउथ जोन अब मैच में बैकफुट पर आ चुकी है और उनके लिए मुकाबले में वापसी करना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है।

पहली पारी की बढ़त के आधार पर तय होगा विजेता, मैच पर ईस्ट जोन का मजबूत शिकंजा

दिलीप ट्रॉफी के नियमों के मुताबिक नॉकआउट मुकाबलों में कई बार मैच का फैसला पहली पारी की बढ़त के आधार पर ही होता है। इस संदर्भ में बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाकर और विपक्षी टीम के शुरुआती विकेट सस्ते में गिराकर लगभग मैच पर पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है। साउथ जोन की टीम अब संकट के गहरे दौर से गुजर रही है और उनके पास मैच बचाने के लिए बहुत कम विकल्प बचे हैं। ईस्ट जोन के गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों ने ही इस खिताबी मुकाबले में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। चेन्नई की मुश्किल पिच पर ईशान किशन द्वारा खेली गई 270 रनों की यह ऐतिहासिक पारी आने वाले लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट के इतिहास में याद रखी जाएगी। इस प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में ईशान किशन की वापसी को लेकर भी चर्चाएं एक बार फिर से जोर पकड़ने लगी हैं, क्योंकि जिस तरह से उन्होंने लाल गेंद से संयम दिखाया है, वह चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए काफी है।