जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर अर्पिता पाण्डेय को केशव प्रसाद मौर्य ने दिया मुख्‍यमंत्री आवास

अयोध्‍या निवासिनी श्रीमती अर्पिता पाण्डेय के मामले में केशव प्रसाद मौर्य द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास स्वीकृति की कार्रवाई कराया जाना इस बात का उदाहरण है कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इससे पूर्व भी अमेठी जनपद में 70 वर्षीय श्रीमती विधावती जी के कच्चे माकन गिरने की जानकारी मिलते ही श्री मौर्य  ने उनसे दूरभाष पर बात की और तुरंत मदद के लिए अधिकारीयों को उनके पास भेजा था। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी गरीब परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर न हो। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण आवासीय योजनाओं के माध्यम से पात्र गरीब परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने का कार्य लगातार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि पात्र लाभार्थियों को आवास के साथ-साथ शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं से भी योजनाओं की पात्रता के अनुसार जोड़ा जाए। श्री मौर्य ने कहा कि गरीबों के उत्थान और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे है और जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचा रहे है। प्रत्येक जिले में जनसमस्याओं और जरूरतमंद परिवारों की परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है तथा किसी भी पीड़ित एवं पात्र परिवार की समस्या सामने आने पर उसे नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।