देश भर में मानसून का तांडव: 6 सितंबर को 13 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और आंधी का हाई अलर्ट

देश में मानसून की वापसी के दौर के बीच वायुमंडलीय परिस्थितियों में अचानक आए तीव्र बदलाव ने मौसम के तेवर बेहद आक्रामक कर दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार 6 सितंबर 2026 के लिए एक विशेष मौसम बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के 13 से अधिक प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और उत्तर-पश्चिम भारत पर बने सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के आपस में टकराने से समूचे मैदानी इलाकों में घने मानसूनी बादलों का अभूतपूर्व जमावड़ा देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान कई क्षेत्रों में हवा की गति 50 से लेकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक के खतरनाक स्तर को छू सकती है।

रविवार को अवकाश के दिन यात्रा या घूमने की योजना बना रहे आम नागरिकों, हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों और खेतों में फसलों की देखरेख कर रहे किसानों के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। बीते कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को इस व्यापक मौसमी बदलाव से तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की भारी गिरावट के रूप में राहत तो मिलेगी, लेकिन इसके साथ ही निचले इलाकों में जलजमाव, पुराने पेड़ों और कच्चे मकानों के ढहने तथा आकाशीय बिजली का जानलेवा जोखिम भी मंडराने लगा है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के समूचे एनसीआर क्षेत्र में 6 सितंबर का दिन बादलों की तूफानी सक्रियता के नाम रहने वाला है। मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने का अनुमान है। आसमान में दिनभर घने काले बादलों का पहरा रहेगा और दोपहर से शाम के मध्य 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है।

इस मूसलाधार बारिश के चलते दिल्ली के मिंटो ब्रिज, आईटीओ, आश्रम चौक, धौला कुआं, रिंग रोड तथा गुरुग्राम के हीरो होंडा चौक, राजीव चौक और इफ्को चौक जैसे संवेदनशील चौराहों पर भारी जलभराव का संकट खड़ा हो सकता है। दिल्ली और हरियाणा ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे जलमग्न अंडरपासों में जाने से बचें और सुरक्षित दूरी बनाकर धीमी गति से वाहन चलाएं। तेज हवाओं के कारण कमजोर बिजली के तारों और होर्डिंग्स के नीचे वाहन पार्क न करने की सख्त हिदायत दी गई है।

उत्तर प्रदेश में रविवार को मानसूनी बादलों का दायरा सबसे अधिक विस्तृत और तीव्र रहने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने राज्य के पश्चिमी, मध्य और पूर्वांचल के दर्जनों जनपदों में तेज मेघगर्जन के साथ भारी वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बिजनौर, बदायूं और पीलीभीत में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। वहीं मध्य यूपी के लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, शाहजहांपुर, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में भी झमाझम बारिश होने के प्रबल आसार हैं।

राजधानी लखनऊ में रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के करीब रहेगा। पूर्वांचल के अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, बस्ती और वाराणसी बेल्ट में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते कई स्थानों पर भारी वर्षा के साथ वज्रपात (Lightning) की आशंका जताई गई है। राज्य राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों और नगर निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे जल निकासी के लिए अतिरिक्त पंपिंग स्टेशनों को तैनात रखें और गंगा, घाघरा, राप्ती और सरयू जैसी उफान पर चल रही नदियों के तटीय इलाकों में सतत निगरानी बनाए रखें।

पूर्वी भारत के प्रमुख राज्यों बिहार और झारखंड में 6 सितंबर को मौसम का रुख बेहद संवेदनशील बना रहेगा। मौसम विभाग ने बिहार के 20 से अधिक जिलों में मेघगर्जन के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी (Yellow & Orange Alert) जारी की है। राजधानी पटना, गया, जहानाबाद, भोजपुर, रोहतास, बक्सर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का दौर चलेगा। पटना में रविवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को सचेत किया है कि बादलों की गड़गड़ाहट शुरू होते ही तत्काल पक्के मकानों में शरण लें, क्योंकि इस मौसम में आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

पड़ोसी राज्य झारखंड में भी 6 और 7 सितंबर को मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। राजधानी रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, देवघर, रामगढ़, खूंटी, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह और पश्चिमी सिंहभूम में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। रांची में अधिकतम तापमान लुढ़ककर 29 डिग्री सेल्सियस और रात का पारा 23 डिग्री तक आ सकता है। छोटानागपुर के पठारी और जंगलों से घिरे इलाकों में नदियों के अचानक उफनाने और नालों में तेज बहाव आने की आशंका जताई गई है।

मध्य प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में सक्रिय वेदर सिस्टम का व्यापक असर दिखेगा। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, हरदा, खंडवा, खरगोन, होशंगाबाद (नर्मदापुरम), रायसेन, सागर, दमोह, छतरपुर, कटनी, उमरिया, शिवपुरी और मुरैना में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट है। राजधानी भोपाल में रविवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे दिन में भी हल्की ठंडक का अहसास होगा। नर्मदा और बेतवा नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश के कारण बांधों के जलस्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कई बांधों के गेट खोले जाने की संभावना है।

उधर, मरुधरा राजस्थान में भी मानसूनी बादल पूरी ताकत के साथ बरसने को तैयार हैं। जयपुर, सीकर, झुंझुनू, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, भरतपुर, चुरू और बीकानेर जैसे जनपदों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी और उसके बाद मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। जयपुर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर के कुछ हिस्सों में भी स्थानीय स्तर पर बादलों की गर्जना के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 सितंबर को मौसम काफी विकराल रूप ले सकता है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, चंबा, हमीरपुर और बिलासपुर में तेज बारिश के साथ 50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी। मनाली में अधिकतम तापमान 14 डिग्री और रात का तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली और टिहरी गढ़वाल में मूसलाधार बारिश के चलते संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन (Landslide) और चट्टानें खिसकने का गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा और पहाड़ों की सैर पर निकले पर्यटकों को अनावश्यक रूप से नदियों के किनारे जाने या संवेदनशील रास्तों पर रात में सफर करने से पूरी तरह बचने की सलाह दी है।

मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान समय में धान, मक्का, बाजरा, गन्ना और मौसमी सब्जियों की फसलें खेतों में खड़ी हैं। तेज आंधी और जलभराव से फसलों के गिरने और सड़ने की संभावना बढ़ जाती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में पानी जमा न होने दें और जल निकासी के नालों को तुरंत साफ करें। साथ ही आगामी दो दिनों तक फसलों पर किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक या कीटनाशक का छिड़काव न करें। पशुपालक अपने मवेशियों को खुले पेड़ों या टीन शेड के नीचे बांधने के बजाय सुरक्षित पक्के बाड़े में रखें ताकि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।