UP Weather Alert: यूपी के 21 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट! बादलों की गर्जना के साथ गिर सकती है बिजली, जानें अपने शहर के मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। बंगाल की खाड़ी में बने मानसूनी सिस्टम और चक्रवाती हवाओं के दबाव के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में घने बादलों का डेरा जम चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंचलिक मौसम केंद्र ने ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के 21 प्रमुख जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात/ठनका) गिरने की गंभीर चेतावनी दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी है।

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में बादलों की सक्रियता सबसे अधिक देखने को मिलेगी। जिन 21 जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच।

इन जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से भारी बारिश के एक से दो तीव्र स्पेल आने की पूरी संभावना है।

राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, लखनऊ और कानपुर में रुक-रुक कर रिमझिम से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, कुछ इलाकों में अचानक तेज बारिश होने के चलते निचले रिहायशी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी की तराई बेल्ट में भी मानसूनी हवाओं का असर दिख रहा है। तराई वाले जिलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि एनसीआर से सटे पश्चिमी जिलों में छिटपुट बौछारों और बादलों की आवाजाही के बीच मौसम सुहावना बना रहेगा। पीलीभीत और लखीमपुर के नेपाल सीमा से सटे इलाकों में नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सिंचाई विभाग को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियों—गंगा, यमुना, घाघरा (सरयू), राप्ती और गंडक के जलस्तर में इजाफा दर्ज किया जा रहा है। प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया के तटीय इलाकों में बाढ़ नियंत्रण चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने नाविकों और मछुआरों को उफनती नदियों में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए राज्य राहत आयुक्त कार्यालय और मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है:

  • खुले मैदान और पेड़ों से दूरी: तेज गर्जना या आंधी के समय कभी भी किसी ऊंचे पेड़, लोहे के खंभे या टिन शेड के नीचे शरण न लें।

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग: बादलों की तेज गड़गड़ाहट के दौरान मोबाइल चार्जिंग पर न लगाएं और टीवी, फ्रिज जैसे बिजली उपकरणों के प्लग निकाल दें।

  • किसानों के लिए सलाह: खेतों में काम कर रहे किसान और मजदूर मौसम खराब होते ही तुरंत पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में चले जाएं।

राज्य सरकार ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि भारी बारिश और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम और आपदा राहत टीमों को 24 घंटे मुस्तैद रखा जाए।