
दक्षिण-पश्चिम मानसून का चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश व सीमावर्ती दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर बने वेक-मार्कड निम्न दबाव (Well-Marked Low-Pressure Area) के चलते देश के एक बड़े हिस्से में मौसम ने भयानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 4 सितंबर 2026 को दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, वज्रपात (बिजली गिरने) और 50 से 72 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है। मध्य भारत और पूर्वी राज्यों के ऊपर सक्रिय इस मानसूनी सिस्टम के कारण नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव का संकट गहरा गया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। दिनभर आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश के कई दौर देखने को मिलेंगे।
इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। बारिश के चलते राजधानी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा। तापमान में आई गिरावट से लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन सुबह और शाम के व्यस्ततम समय में मुख्य चौराहों और अंडरपासों पर भारी जलभराव के चलते यातायात व्यवस्था चरमराने की आशंका को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने अलर्ट जारी किया है।
बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग ने राज्य के उत्तर और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। राजधानी पटना, गया, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, वैशाली, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा और बेगूसराय समेत 20 से अधिक जिलों में तेज मेघगर्जन के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने गंगा, कोसी, गंडक और बागमती नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों और मजदूरों को खुले खेतों, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है क्योंकि वज्रपात से जान-माल के नुकसान का गंभीर खतरा बना हुआ है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश विकराल रूप दिखा रही है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा का दौर लगातार जारी है।
असम के कई जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। चाय बागानों और संपर्क सड़कों के डूबने से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक पूर्वोत्तर के पहाड़ी ढलानों पर भारी मिट्टी धंसने और अचानक बाढ़ (Flash Floods) की चेतावनी बरकरार रखी है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बेहद खतरनाक बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसून के समागम से हिमालयी क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो रही है:
-
उत्तराखंड: राज्य के देहरादून, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल जिलों में भारी बारिश का अलर्ट प्रभावी है। पहाड़ों से लगातार बोल्डर और मलबा गिरने के कारण बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनें तैनात की हैं और स्थानीय नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया है।
-
हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, कुल्लू, बिलासपुर और सिरमौर जिलों में भारी बारिश और 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मनाली, शिमला और धर्मशाला जाने वाले पर्यटकों को नदी-नालों से पूरी तरह दूर रहने और अनावश्यक पहाड़ी यात्राओं को टालने की सलाह दी गई है।
-
जम्मू-कश्मीर: जम्मू, पुंछ, राजौरी, उधमपुर और रामबन के पहाड़ी इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित होने का जोखिम है।
मौसम तंत्र का मुख्य केंद्र वर्तमान में मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है।
-
उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और बांदा के साथ-साथ लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, अयोध्या और गोरखपुर में आंधी के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हवा की रफ्तार 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
-
मध्य प्रदेश: सागर, दमोह, रीवा, कटनी, जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर संभाग में ‘ऑरेंज अलर्ट’ बना हुआ है। नर्मदा और बेतवा बेसिन में पानी की भारी आवक के चलते बांधों के स्पिलवे गेट्स खोले जा रहे हैं।
खराब मौसम और 20 राज्यों में जारी इस हाई अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने जनता से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:
-
बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें और घर के भीतर पक्की छत के नीचे रहें।
-
जलभराव वाले रास्तों, अंडरपास और तेज बहाव वाले पुलों पर गाड़ी ले जाने की भूल बिल्कुल न करें।
-
पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा पर निकलने से पहले राज्य आपदा प्रबंधन (SDRF) और ट्रैफिक पुलिस के रियल-टाइम बुलेटिन को अवश्य चेक करें।
-
किसान खेतों में स्प्रे या खाद डालने का काम मौसम साफ होने तक टाल दें।
Focus Times – Focus Times, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया