
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पटल पर इस समय दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बेहद दिलचस्प और सनसनीखेज मोड़ देखने को मिल रहा है, जहां संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के साथ ही बांग्लादेश के विदेश मंत्री के कूटनीति तेवर और बयानबाजी पूरी तरह से बदल चुके हैं। हाल ही में जब से उन्होंने वैश्विक मंच पर यूएनजीए के अध्यक्ष की बागडोर संभाली है, उनके राजनीतिक रवैये में एक अलग ही आत्मविश्वास और आक्रामकता देखने को मिल रही है। इस बदलाव का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष असर तब देखने को मिला जब बांग्लादेश के राजनीतिक गलियारों और कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि क्या देश के राजनीतिक पटल पर अहम प्रभाव रखने वाले नेता तारिक रहमान को आगामी प्रतिष्ठित ‘ब्रिक्स’ (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने का अवसर मिलेगा या नहीं। विदेश मंत्री के इस नए अवतार ने न केवल घरेलू राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति पर भी गहरी छाप छोड़ी है।
दुनियाभर के उभरते हुए आर्थिक महाशक्तियों के संगठन ‘ब्रिक्स’ की आगामी बैठक में बांग्लादेश की आधिकारिक भागीदारी को लेकर पिछले कुछ दिनों से कयासों का बाजार बेहद गर्म था। इसी बीच, जब पत्रकारों ने यूएनजीए अध्यक्ष और बांग्लादेश के विदेश मंत्री से यह सवाल पूछा कि क्या देश के प्रमुख राजनीतिक चेहरे तारिक रहमान इस वैश्विक मंच पर किसी आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं, तो उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में तीखी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री ने इशारों-इशारों में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि वैश्विक स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रोटोकॉल और प्रशासनिक मर्यादाओं का पालन करना कितना जरूरी है। उन्होंने जिस तरह से इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी बात रखी, उससे साफ जाहिर होता है कि बांग्लादेश की बदलती आंतरिक राजनीति और विदेश नीति के बीच एक बारीक संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है, जिसके दूरगामी परिणाम पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पड़ने तय हैं।
बांग्लादेश में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद से ही देश की विदेश नीति में एक नया मोड़ आया है। एक तरफ जहां देश की अंतरिम सरकार और नए कूटनीतिक चेहरे दुनिया भर के साथ अपने रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ यूएनजीए जैसी वैश्विक संस्था की अध्यक्षता मिलना बांग्लादेश के लिए कूटनीतिक रूप से एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विदेश मंत्री वैश्विक मंच का उपयोग करके यह संदेश देना चाहते हैं कि बांग्लादेश अब केवल क्षेत्रीय मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मंचों पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की पूरी क्षमता रखता है। हालांकि, देश के भीतर तारिक रहमान के राजनीतिक भविष्य और उनकी विदेश यात्राओं या सम्मेलनों में शिरकत को लेकर जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उसने यह साबित कर दिया है कि बांग्लादेश की आंतरिक सियासत और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं।
ब्रिक्स जैसे तेजी से उभरते वैश्विक आर्थिक संगठन में शामिल होने या उसमें अपनी सक्रिय पैठ बनाने के लिए दक्षिण एशिया के कई देश लगातार प्रयास कर रहे हैं। बांग्लादेश भी पिछले कुछ समय से आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर ब्रिक्स देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। ऐसे में, जब देश के विदेश मंत्री यूएनजीए के अध्यक्ष पद की गरिमा के साथ अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में हैं, तो ब्रिक्स सम्मेलन में बांग्लादेश के प्रतिनिधित्व का मुद्दा और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री का यह बदला हुआ रुख और बयानों की आक्रामकता इस बात का प्रतीक है कि वे अब देश के कूटनीतिक फैसलों पर अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं, ताकि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर उनकी राजनीतिक स्थिति और अधिक पुख्ता हो सके।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से बांग्लादेश द्वारा दी जा रही इन प्रतिक्रियाओं और बयानों के आने वाले दिनों में क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गहरे प्रभाव देखने को मिलेंगे। भारत और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ-साथ पश्चिमी देशों की निगाहें भी इस बात पर टिकी हैं कि बांग्लादेश अपनी नई वैश्विक भूमिका का इस्तेमाल किस प्रकार से करता है। एक तरफ जहां विदेश मंत्री वैश्विक पटल पर देश की साख को ऊंचा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के भीतर चल रहे राजनीतिक विरोध और तारिक रहमान के समर्थकों की उम्मीदों के बीच संतुलन बिठाना उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि आने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में बांग्लादेश की आधिकारिक तस्वीर कैसी होती है और विदेश मंत्री के यह बदले हुए तेवर देश की दिशा और दशा को किस नए मुकाम पर लेकर जाते हैं।
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