
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शाही परिवार और समूचे खाड़ी क्षेत्र से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के लोकप्रिय शासक महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के छोटे भाई शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम का सोमवार को इंतकाल हो गया। खाड़ी देशों की राजनीति, समाज और विकास में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्य के निधन की खबर से पूरे अरब जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने स्वयं बेहद भावुक होकर अपने छोटे भाई के इंतकाल की आधिकारिक पुष्टि की है। इस अपूरणीय क्षति के सम्मान में दुबई की हुकूमत ने अमीरात भर में तत्काल प्रभाव से दस दिनों के आधिकारिक राजकीय शोक की घोषणा कर दी है, जिसके चलते सभी सरकारी भवनों, विदेशी दूतावासों और प्रमुख प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज झुका दिए गए हैं।
दुबई के शासक और यूएई के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोमवार को एक औपचारिक और बेहद भावुक आधिकारिक शोक संदेश जारी किया गया। इस बयान में कहा गया कि सर्वशक्तिमान ईश्वर की इच्छा और भाग्य पर अटूट आस्था और समर्पण के साथ, यूएई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम का कार्यालय भारी मन से यह सूचित करता है कि उनके प्रिय भाई शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम अब हमारे बीच नहीं रहे। बयान में विस्तार से बताया गया कि ईश्वर की रज़ा से शेख अहमद ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 की सुबह अपने प्रभु की शरण में अंतिम सांस ली। शाही दरबार की तरफ से जारी इस सार्वजनिक विज्ञप्ति के बाद संयुक्त अरब अमीरात सहित तमाम खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों के शासकों, राष्ट्राध्यक्षों और वैश्विक नेताओं ने दुबई के शाही परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करना शुरू कर दिया है।
शाही कार्यालय द्वारा जारी किए गए शुरुआती आधिकारिक बयानों में शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम के इंतकाल की सटीक चिकित्सीय वजहों या किसी पुरानी बीमारी का तत्काल कोई खुलासा नहीं किया गया है। स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत विवरण को फिलहाल व्यक्तिगत और पारिवारिक मर्यादा के तहत सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस दुखद घड़ी में दिवंगत आत्मा को सर्वोच्च सम्मान देने के लिए दुबई की सरकार ने व्यापक प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, अगले 10 दिनों तक पूरे दुबई अमीरात में राजकीय शोक प्रभावी रहेगा। इस शोक अवधि के दौरान संयुक्त अरब अमीरात का राष्ट्रीय ध्वज सभी मंत्रालयों, सरकारी विभागों, स्वायत्त सार्वजनिक संस्थानों, सैन्य प्रतिष्ठानों और विदेशी वाणिज्य दूतावासों पर आधा झुका रहेगा। इसके साथ ही कई आधिकारिक सार्वजनिक उत्सवों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सरकारी समारोहों को या तो स्थगित कर दिया गया है या बेहद सादगी के साथ सीमित कर दिया गया है।
अपने छोटे भाई के बिछड़ने पर संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने व्यक्तिगत स्तर पर बेहद मार्मिक और रूहानी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सर्वशक्तिमान अल्लाह से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनके दिवंगत भाई शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम के अच्छे कर्मों को स्वीकार किया जाए, उनकी रूह को मगफिरत अता हो और उन्हें जन्नत-उल-फिरदौस में आला मुकाम हासिल हो। शेख मोहम्मद ने इस गहरे व्यक्तिगत सदमे के बीच प्रार्थना की कि ईश्वर पूरे अल मकतूम शाही परिवार, उनके परिजनों, निकट संबंधियों और देश के तमाम चाहने वालों को इस असहनीय दर्द को बर्दाश्त करने की ताकत, असीम सब्र और दिली सुकून इनायत फरमाए। सोशल मीडिया और आधिकारिक मंचों पर उनके इस पैगाम के सामने आते ही लाखों नागरिकों, प्रवासियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने शाही परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति और एकजुटता प्रकट की है।
अल मकतूम राजवंश ने आधुनिक दुबई को रेगिस्तानी व्यापारिक बंदरगाह से बदलकर दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय, पर्यटन, विमानन और तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। शेख राशिद बिन सईद अल मकतूम के दौर से लेकर वर्तमान शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के नेतृत्व तक, शाही परिवार के सभी भाइयों ने दुबई के चौतरफा बुनियादी ढांचे, सामाजिक स्थिरता, व्यापार नीतियों और रणनीतिक विकास में पर्दे के पीछे रहकर अभूतपूर्व योगदान दिया है। शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम भी अपने शांत स्वभाव, शाही परंपराओं के प्रति निष्ठा और परोपकारी कार्यों के लिए जाने जाते थे। उनके निधन को न केवल मकतूम परिवार के लिए बल्कि पूरे अमीराती समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, जिसने आधुनिक दुबई के निर्माण की पूरी विकास यात्रा को अपनी आंखों से देखा और जिया था।
दुबई और समूचे यूएई में रहने वाले लाखों विदेशी प्रवासियों, जिनमें सबसे बड़ी आबादी भारतीय समुदाय की है, ने भी इस दुखद मौके पर गहरा शोक व्यक्त किया है। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ऐतिहासिक रूप से गहरे रणनीतिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं, जिसके चलते भारतीय राजनयिक मिशनों और व्यापारिक संघों ने भी अपनी श्रद्धांजलि संदेश प्रेषित किए हैं। संयुक्त अरब अमीरात के अन्य छह अमीरातों—अबू धाबी, शारजाह, अजमान, उम्म अल-कुवैन, रास अल-खैमाह और फुजैराह—के शासकों और क्राउन प्रिंसों ने भी दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम से सीधे संपर्क कर शोक प्रकट किया है। खाड़ी के पड़ोसी देशों सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान के शाही परिवारों की ओर से भी संवेदना संदेशों का तांता लगा हुआ है। पूरे मध्य पूर्व की निगाहें अब दुबई के शाही कब्रिस्तान में होने वाले अंतिम संस्कार और नमाज-ए-जनाजा के औपचारिक कार्यक्रमों पर टिकी हैं, जहां देश-विदेश की शीर्ष हस्तियां दिवंगत आत्मा को अंतिम विदाई देने पहुंचेंगी।
Focus Times – Focus Times, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया