IMD Rain Alert 7 September: दिल्ली-UP समेत 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 50-70 Kmph की रफ्तार से आंधी-तूफान की चेतावनी; जानें आज का मौसम

देशभर में मानसून की चाल में अचानक आए बदलाव के बाद मौसम विभाग (IMD) ने आज 7 सितंबर के लिए एक विस्तृत और सख्त मौसम चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulation) तथा बंगाल की खाड़ी से आ रही तीव्र नम हवाओं के मेल से देश के बीस से अधिक राज्यों में मौसमी गतिविधियां उग्र हो गई हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों के दौरान देश के उत्तरी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर आशंका है।

सप्ताह के पहले कामकाजी दिन घर से दफ्तर या लंबी यात्रा पर निकलने वाले मुसाफिरों के लिए यह चेतावनी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख राजमार्गों, संपर्क मार्गों और शहरी इलाकों में जलभराव के चलते यातायात बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, उत्तर ओडिशा और झारखंड से होकर पश्चिम बंगाल तक निम्न दबाव का एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे पूर्वी और तटीय इलाकों में भी बारिश का दायरा अगले कुछ दिनों तक लगातार फैला रहेगा।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आज सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में आज मध्यम स्तर की वर्षा के साथ तेज गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी में आज अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

बीते दिनों हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों जैसे गीता कॉलोनी, अकबर रोड और गुरुग्राम के निचले हिस्सों में जलभराव देखा गया था। आज संभावित बारिश के मद्देनजर दिल्ली नगर निगम और आपदा प्रबंधन टीमों को निचले इलाकों में पानी निकालने वाले पंप सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। हवा में नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत के पार बने रहने के कारण बारिश थमते ही लोगों को पसीने छुड़ाने वाली चिपचिपी उमस का भी सामना करना पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी यूपी के दर्जनों जनपदों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। राजधानी लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, पीलीभीत, बदायूं, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और सोनभद्र जैसे जिलों में बादलों की तेज गर्जना के साथ जोरदार बारिश का अनुमान है। लखनऊ में दिन का पारा करीब 30 से 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

पड़ोसी राज्य बिहार में भी हालात कमोबेश ऐसे ही बने हुए हैं। पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, सीवान, सारण, रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि की घटनाएं दर्ज हुई हैं।

पहाड़ी राज्यों में कुदरत का मिजाज बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा बना हुआ है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जनपदों में भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। देहरादून में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। पहाड़ों की ढलानों पर भारी वर्षा के चलते अचानक बोल्डर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ सकती हैं।

हिमाचल प्रदेश के मंडी, चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, ऊना, किन्नौर, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर में भी मौसम विभाग ने आज और कल भारी बारिश की चेतावनी बरकरार रखी है। वहीं जम्मू-कश्मीर के पुंछ, अनंतनाग, कुपवाड़ा, जम्मू, रियासी और किश्तवाड़ में झमाझम बारिश के साथ नदियां उफान पर आ सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने चारधाम यात्रियों, पर्यटकों और नदी घाटियों के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक पहाड़ी यात्राओं को स्थगित रखें।

मध्य प्रदेश में मानसूनी चक्रवात का सीधा असर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कटनी, विदिशा, सीहोर, दमोह, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), खरगोन, खंडवा, बैतूल, नरसिंहपुर, इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा, सिवनी और सीधी जिलों में मूसलाधार बारिश और तेज अंधड़ की आशंका जताई गई है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहेगा।

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी संभागों में बादलों की भारी घेराबंदी है। जयपुर, भरतपुर, करौली, झालावाड़, सवाई माधोपुर, झुंझुनूं, बारां, बूंदी, दौसा, भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर और श्रीगंगानगर में 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ों और कमजोर कच्चे ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।

पूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मानसूनी बादलों की सक्रियता से लगभग सभी स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले मैदानी इलाकों में पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है।

दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं और बिजली चमकने का अनुमान है। मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन और बंगाल की खाड़ी से सटे समुद्री इलाकों में समुद्र का मिजाज उग्र रहेगा, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों को गहरे समंदर में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां जारी की हैं:

आंधी और गरज-चमक के दौरान किसी भी पेड़, पुराने जर्जर मकान, टिन शेड या बिजली के खंभों व ट्रांसफॉर्मर के नीचे कतई शरण न लें। घर के भीतर टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग बिजली बोर्ड से अलग कर दें।

यदि सड़क पर गाड़ी चला रहे हैं और अचानक तेज आंधी या मूसलाधार बारिश शुरू हो जाए, तो वाहन को किसी सुरक्षित खुली जगह पर रोक लें। जलभराव वाले अंडरपास और पुलिया से वाहन निकालने का जोखिम न उठाएं। पहाड़ी मार्गों पर चलने वाले वाहन चालक जिला प्रशासन के आपदा कंट्रोल रूम से रास्तों की ताजा स्थिति परखने के बाद ही आगे बढ़ें।