UP Cabinet Meeting: योगी कैबिनेट की आज अहम बैठक, अयोध्या में NSG हब और सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास समेत 18 प्रस्तावों पर लगेगी मुहर; PRD जवानों और कोटेदारों को भी बड़ा तोहफा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर आज आयोजित होने वाली राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की राजनीतिक रणनीतियों और प्रदेश में प्रशासनिक व सामाजिक विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से इस बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की अगुवाई में होने वाली इस कैबिनेट बैठक में सुरक्षा तंत्र, बुनियादी ढांचे, स्कूली शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कर्मचारी कल्याण से जुड़े लगभग 18 से अधिक अहम प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है। सरकार का मुख्य फोकस जहां एक तरफ रामनगरी अयोध्या की सामरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने पर है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर सेवा देने वाले प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों, राशन वितरण करने वाले कोटेदारों और बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों नौनिहालों के भविष्य को संवारने के लिए बड़े नीतिगत बदलाव किए जाने की तैयारी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बैठक का आधिकारिक एजेंडा तैयार हो चुका है और मुख्य सचिव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद इन योजनाओं को विधिवत हरी झंडी दी जाएगी।

इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और संवेदनशील एजेंडा रामनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और अति-विशिष्ट (वीआईपी) हस्तियों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई है। वैश्विक स्तर पर बढ़े इस महत्व को देखते हुए योगी सरकार अयोध्या को केवल एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत का सबसे मजबूत आतंकवाद-रोधी सुरक्षा केंद्र बनाने जा रही है। कैबिनेट के समक्ष अयोध्या जिले के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र स्थित लालखां गांव में लगभग 65 एकड़ ग्रामसभा की बंजर भूमि केंद्रीय गृह मंत्रालय को औपचारिक रूप से हस्तांतरित करने का प्रस्ताव रखा जा रहा है। इस भूमि पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का एक पूर्ण सुसज्जित क्षेत्रीय हब (Regional Hub) स्थापित किया जाएगा। इस हब के निर्माण से उत्तर भारत में किसी भी आकस्मिक आतंकी खतरे, बंधक संकट या हाई-रिस्क ऑपरेशन से निपटने के लिए ‘ब्लैक कैट’ कमांडो की त्वरित तैनाती संभव हो सकेगी। इसके अलावा, यह केंद्र एनएसजी कमांडो के कठोर सामरिक प्रशिक्षण के लिए भी एक प्रमुख बेस के रूप में काम करेगा, जिससे पूरे मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश की सुरक्षा का दायरा कई गुना मजबूत हो जाएगा।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाने का फैसला किया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के बुनियादी ढांचे और जर्जर भवनों को लेकर उठे सवालों के बीच बेसिक शिक्षा विभाग ने आधुनिक तकनीक को ग्रामीण स्कूलों तक पहुंचाने का खाका तैयार किया है। कैबिनेट के एजेंडे में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ‘स्मार्ट क्लास’ स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रत्येक चयनित विद्यालय को आधुनिक डिजिटल बोर्ड, ऑडियो-विजुअल डिस्प्ले, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल शिक्षण सामग्री से लैस किया जाएगा। इसके लिए सरकार प्रति विद्यालय आवश्यक बजट आवंटन को मंजूरी दे सकती है। इसका सीधा उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों को निजी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर डिजिटल प्लेटफॉर्म और इंटरैक्टिव तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में आत्मविश्वास के साथ खड़े हो सकें।

प्रदेश में पुलिस प्रशासन के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन, मेलों, त्योहारों और सरकारी आयोजनों में दिन-रात मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने वाले प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों के लिए आज का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। योगी सरकार पीआरडी जवानों के मानदेय में लगातार चौथी बार ऐतिहासिक वृद्धि करने जा रही है। कैबिनेट में रखे जा रहे प्रस्ताव के अनुसार, वर्तमान में मिलने वाले 500 रुपये प्रतिदिन के दैनिक ड्यूटी भत्ते को बढ़ाकर अब 600 रुपये प्रतिदिन किया जाएगा। यानी हर जवान की मासिक आय में 3,000 रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी होगी। इससे पहले 2019 में मानदेय 250 से 375 रुपये, 2022 में 395 रुपये और अप्रैल 2025 में 500 रुपये किया गया था। मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश के लगभग 40 हजार पीआरडी जवानों और उनके परिजनों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए कैशलेस चिकित्सा बीमा सुविधा का लाभ देने की योजना पर भी मुहर लगने जा रही है। इससे ड्यूटी के दौरान किसी भी दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में जवानों को सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना किसी आर्थिक संकट के मुफ्त और बेहतर इलाज मिल सकेगा।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत प्रदेश के अंतिम पायदान पर खड़े करोड़ों लाभार्थियों तक मुफ्त खाद्यान्न पहुंचाने वाले राशन कोटेदारों के लिए भी योगी कैबिनेट अपनी झोली खोलने जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से उचित दर की दुकानों के दुकानदारों (कोटेदारों) की मार्जिन मनी बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। लंबे समय से कोटेदार संगठन अपने लाभांश में वृद्धि की मांग कर रहे थे, जिस पर विचार करते हुए सरकार कोटेदारों को खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले कमीशन में 25 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त वृद्धि करने जा रही है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक राशन डीलरों को सीधा लाभ पहुंचेगा। अधिकारियों के आकलन के अनुसार, कमीशन बढ़ने से प्रत्येक कोटेदार की मासिक आय में औसतन 2,000 से 2,500 रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। इससे न केवल राशन डीलरों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि राशन वितरण की पारदर्शी ई-पॉस (e-PoS) व्यवस्था को और अधिक सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।

उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को साधने के लिए आज की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण औद्योगिक और ढांचागत नीतियों को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में स्वदेशी खिलौना उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और चीन पर निर्भरता खत्म करने के लिए ‘उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति’ (UP Toy Manufacturing Promotion Policy 2026) को हरी झंडी दी जा सकती है। इस नीति के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गोरखपुर जैसे औद्योगिक गलियारों में खिलौना निर्माण इकाइयों को सब्सिडी, आसान भूमि आवंटन और बिजली दरों में छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी को गति देने के लिए ‘चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे’ के विस्तार और संशोधित निर्माण प्रारूप को कैबिनेट पटल पर रखा जाएगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को चित्रकूट के पावन तीर्थ स्थलों और आगामी डिफेंस कॉरिडोर नोड्स से सीधे जोड़ेगा, जिससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और भारी उद्योगों की स्थापना को नई रफ्तार मिलेगी। सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए वाहनों की फिटनेस और तकनीकी जांच के लिए ‘नई राज्य नीति-2026’ को भी लागू करने का प्रस्ताव एजेंडे का अहम हिस्सा है।

नागरिक सुविधाओं के विस्तार के क्रम में परिवहन विभाग को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़-बढ़नी और मध्य उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के सवायजपुर कस्बे में नए अत्याधुनिक बस स्टैंडों के निर्माण के लिए सरकारी भूमि परिवहन निगम को निशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव शामिल है। इससे तराई और ग्रामीण इलाकों में अंतरराज्यीय व जिला स्तरीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क बेहद सुलभ हो जाएगा। वहीं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से अलीगढ़ में ‘साईं ग्लोबल विश्वविद्यालय’ की स्थापना हेतु प्रायोजक संस्था को औपचारिक आशय पत्र (Letter of Intent – LOI) जारी करने पर सहमति बन सकती है। इसके साथ ही, रियल एस्टेट और लीज बाजार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार 10 वर्ष से अधिक अवधि के दीर्घकालिक किरायेदारी पट्टों (Tenancy Leases) के पंजीकरण पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी में बड़ी छूट देने की तैयारी में है। वित्त, मत्स्य पालन और नगर विकास से जुड़े अन्य नीतिगत संशोधनों के पारित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दोपहर बाद इन सभी ऐतिहासिक निर्णयों की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।