
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में उस वक्त सियासी पारा अचानक चढ़ गया, जब कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिलने आरजेडी सांसद मीसा भारती के दिल्ली स्थित पंडारा रोड आवास पर पहुंचीं। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते लालू प्रसाद यादव दिल्ली में इलाज करा रहे हैं। हालांकि, इस शिष्टाचार मुलाकात के कई गहरे कूटनीतिक और सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी एकजुटता (‘इंडी’ गठबंधन) के ताने-बाने और आगामी रणनीतियों के लिहाज से दोनों वरिष्ठ दिग्गज नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को बेहद अहम और निर्णायक माना जा रहा है।
दिल्ली में मीसा भारती के सरकारी आवास पर सोनिया गांधी का स्वागत खुद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने किया। सोनिया गांधी ने लालू प्रसाद यादव से मिलकर उनके स्वास्थ्य और एम्स में चल रहे इलाज की विस्तृत जानकारी ली। दोनों परिवारों के बीच दशक पुराने गहरे और दोस्ताना संबंध रहे हैं। बैठक के दौरान सोनिया गांधी और लालू यादव के बीच काफी देर तक अकेले में बातचीत हुई, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की तेज चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि यह महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसमें कई प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ है।
सोनिया गांधी और लालू प्रसाद यादव दोनों ही विपक्षी राजनीति के सबसे अनुभवी और धुरी माने जाने वाले स्तंभ हैं। पिछले कुछ समय से विपक्षी खेमे में सीट शेयरिंग, क्षेत्रीय दलों के समन्वय और संसद के आगामी सत्र को लेकर रणनीतिक मंथन चल रहा है। ऐसे समय में जब संसद और राज्यों के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चाएं गर्म हैं, सोनिया-लालू की यह मुलाकात ‘इंडी’ गठबंधन के भीतर तालमेल को और मजबूत करने का काम करेगी। लालू यादव को हमेशा से ही कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच एक प्रमुख सेतु के रूप में देखा जाता रहा है।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक का सीधा असर बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी देखा जा रहा है। बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को और मजबूती देने के लिए तेजस्वी यादव की मौजूदगी में हुई यह चर्चा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल के दिनों में गठबंधन के भीतर कुछ आंतरिक मुद्दों को लेकर छिटपुट मतभेदों की खबरें आती रही हैं, ऐसे में सोनिया गांधी का सीधे लालू यादव के पास पहुंचना यह स्पष्ट संदेश देता है कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व आरजेडी के साथ अपने संबंधों को सबसे सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
राष्ट्रीय राजनीति के विश्लेषकों का मानना है कि सोनिया गांधी और लालू प्रसाद यादव की इस मुलाकात के बाद विपक्षी खेमे की बैठकों का दौर और तेज हो सकता है। लालू यादव की सेहत में सुधार के साथ ही वे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी नेताओं को एक मंच पर लाने में फिर से सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। दिल्ली में मीसा भारती के घर पर हुई यह मुलाकात आने वाले दिनों में देश की विपक्षी रणनीति का खाका तैयार करने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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