सनातन पंचांग और वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजा, आत्मा, यश, कीर्ति और उच्च प्रशासनिक पद के कारक भगवान भुवन भास्कर यानी सूर्य देव का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश ‘संक्रांति’ कहलाता है। 16 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि के उपरांत (17 सितंबर तड़के 01:14 AM पर) सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह (Leo) की यात्रा पूर्ण कर अपने परम …
Read More »धर्म
कलयुग का अंत: जब न धर्म बचेगा न इंसानियत, शिव पुराण में दर्ज हैं ये खौफनाक संकेत
सनातन धर्म की काल-गणना और ब्रह्मांडीय समय-चक्र में समय को चार प्रमुख युगों—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग—में विभाजित किया गया है। जिस प्रकार प्रकृति के नियम के अनुसार प्रत्येक जीवित प्राणी का जन्म, वृद्धि और अंत निश्चित है, ठीक उसी प्रकार ब्रह्मांड में प्रत्येक युग की एक निर्धारित आयु होती है और उसका अंत होकर नए युग का प्रारंभ होना …
Read More »कन्या संक्रांति 2026: सूर्य देव बदलेंगे अपनी चाल, सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग में चमकेगी किस्मत
सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष परंपरा में सूर्य देव के राशि परिवर्तन को संक्रांति के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मा का कारक, ग्रहों का राजा, मान-सम्मान, प्रशासनिक यश और जीवन शक्ति का अधिष्ठाता माना गया है। जब प्रत्यक्ष देवता भुवन भास्कर अपनी स्वराशि सिंह से निकलकर बुध के स्वामित्व वाली कन्या राशि …
Read More »विश्वकर्मा जयंती 2026: घर बैठे इन 5 मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की करें पूजा, साल भर बरसेगा धन और कारोबार में तरक्की
सनातन धर्म की पावन और समृद्ध परंपरा में हर वर्ष कन्या संक्रांति के पावन अवसर पर सृष्टि के प्रथम वास्तुकार, ब्रह्मांडीय शिल्पी और तकनीकी विद्या के आदि प्रणेता भगवान विश्वकर्मा की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव से मनाई जाती है। हिंदू धर्मग्रंथों में भगवान विश्वकर्मा को समस्त ब्रह्मांडीय निर्माण, अस्त्र-शस्त्र, भव्य नगरों, दिव्य विमानों, कल-कारखानों, मशीनों और तकनीकी कौशल का …
Read More »पितरों की आत्मा की तृप्ति का महाउपाय: पितृ पक्ष में क्यों जरूरी है पंचबलि कर्म, 5 जीवों को भोजन देने का रहस्य
सनातन धर्म की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा में भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से आरंभ होकर आश्विन मास की सर्वपितृ मोक्षदायिनी अमावस्या तक चलने वाले सोलह दिनों की विशेष अवधि को पितृ पक्ष के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। यह पावन पखवाड़ा उन दिवंगत पूर्वजों और पितरों के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और तर्पण अर्पित करने का अत्यंत पवित्र समय माना …
Read More »वैवाहिक जीवन में घुल जाएगी मिठास, बेडरूम में आज ही कर लें ये 4 आसान बदलाव और अपनाएं 1 अचूक सरल उपाय
वैवाहिक जीवन में प्यार, विश्वास और आपसी तालमेल का होना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी बातों पर होने वाले मनमुटाव और कलह पति-पत्नी के रिश्ते की मिठास को धीरे-धीरे कम करने लगते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपके बेडरूम की बनावट, सामानों की व्यवस्था और वहां रखी जाने वाली चीजें भी आपके आपसी संबंधों …
Read More »वैवाहिक जीवन में घुल जाएगी मिठास, बेडरूम में आज ही कर लें ये 4 आसान बदलाव और अपनाएं 1 अचूक सरल उपाय
वैवाहिक जीवन में प्यार, विश्वास और आपसी तालमेल का होना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी बातों पर होने वाले मनमुटाव और कलह पति-पत्नी के रिश्ते की मिठास को धीरे-धीरे कम करने लगते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपके बेडरूम की बनावट, सामानों की व्यवस्था और वहां रखी जाने वाली चीजें भी आपके आपसी संबंधों …
Read More »वैवाहिक जीवन में घुल जाएगी मिठास, बेडरूम में आज ही कर लें ये 4 आसान बदलाव और अपनाएं 1 अचूक सरल उपाय
वैवाहिक जीवन में प्यार, विश्वास और आपसी तालमेल का होना सबसे ज्यादा जरूरी माना जाता है, लेकिन कई बार छोटी-छोटी बातों पर होने वाले मनमुटाव और कलह पति-पत्नी के रिश्ते की मिठास को धीरे-धीरे कम करने लगते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपके बेडरूम की बनावट, सामानों की व्यवस्था और वहां रखी जाने वाली चीजें भी आपके आपसी संबंधों …
Read More »कब है विश्वकर्मा पूजा? जानें संपूर्ण पूजन विधि, आवश्यक सामग्री लिस्ट और शुभ मुहूर्त
सनातन संस्कृति और शिल्प जगत में भगवान विश्वकर्मा (Lord Vishwakarma) को दुनिया का सबसे पहला वास्तुकार, शिल्पकार और ब्रह्मांड का रचयिता माना जाता है, जिनकी कृपा के बिना किसी भी निर्माण कार्य, कलपुर्जे, मशीन या कारखाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। हर साल कन्या संक्रांति के पावन अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की जयंती बहुत ही धूमधाम और …
Read More »कब है विश्वकर्मा पूजा? जानें संपूर्ण पूजन विधि, आवश्यक सामग्री लिस्ट और शुभ मुहूर्त
सनातन संस्कृति और शिल्प जगत में भगवान विश्वकर्मा (Lord Vishwakarma) को दुनिया का सबसे पहला वास्तुकार, शिल्पकार और ब्रह्मांड का रचयिता माना जाता है, जिनकी कृपा के बिना किसी भी निर्माण कार्य, कलपुर्जे, मशीन या कारखाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। हर साल कन्या संक्रांति के पावन अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की जयंती बहुत ही धूमधाम और …
Read More »
Focus Times – Focus Times, ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, देश-दुनिया