वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजा, आत्मा, मान-सम्मान, नेतृत्व और पिता के स्थायी कारक भगवान सूर्य देव का राशि परिवर्तन ज्योतिषीय गणनाओं में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। सूर्य देव लगभग 30 दिनों में एक राशि से दूसरी राशि में संचरण करते हैं, जिसे ‘संक्रांति’ (Sankranti) कहा जाता है। 16-17 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि में सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह …
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Pitru Paksha 2026 Start Date: कब से शुरू हो रहा पितृ पक्ष? 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पधारेंगे पूर्वज; जानिए पूर्णिमा से लेकर सर्वपितृ अमावस्या तक सभी 16 श्राद्ध तिथियों की पूरी लिस्ट और शुभ मुहूर्त
सनातन हिंदू धर्म में पितृ पक्ष यानी महालया का काल पूर्वजों, पितरों और दिवंगत आत्माओं के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और तर्पण अर्पित करने का सबसे पवित्र और संवेदनशील समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के इन 16 दिनों के दौरान पितृलोक के द्वार खुलते हैं और हमारे पूर्वज सूक्ष्म रूप में अपने वंशजों के घर पधारते …
Read More »Panchang 16 September 2026: विशाखा नक्षत्र और वैधृति योग में शुरू हुआ आज का दिन, जानिए दोपहर 12:17 से 1:49 तक रहने वाले राहुकाल का सटीक समय, शुभ मुहूर्त, तिथि और बुधवार के अचूक उपाय
सनातन हिंदू धर्म परंपरा में किसी भी मांगलिक कार्य, व्यापारिक अनुबंध, नवीन प्रतिष्ठान के उद्घाटन, गृह प्रवेश या यात्रा की शुरुआत से पहले दैनिक पंचांग का अवलोकन करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। पंचांग के पांच प्रमुख अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—मिलकर उस दिन की ऊर्जा और ब्रह्मांडीय स्थिति को निर्धारित करते हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, …
Read More »गणेश उत्सव: बड़े गणपति के साथ पंडाल में क्यों रखी जाती है छोटी मूर्ति
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से आरंभ होने वाला दस दिवसीय गणेशोत्सव पूरे भारतवर्ष में अत्यंत हर्ष, उल्लास और अटूट श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। महाराष्ट्र की पावन धरा से लेकर उत्तर भारत के महानगरों तक, गली-मोहल्लों में सजे भव्य और नयनाभिराम सार्वजनिक पूजा पंडालों में विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के विभिन्न स्वरूपों की प्राण-प्रतिष्ठा की …
Read More »राधा अष्टमी पर दोपहर में ही क्यों होती है किशोरी जी की पूजा, प्राकट्य का रहस्य और शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म और वैष्णव परंपरा में राधा अष्टमी का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, प्रेम और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया जाता है। पौराणिक धर्मग्रंथों, पद्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पावन अष्टमी तिथि को प्रेम और भक्ति की अधिष्ठात्री देवी वृषभानु दुलारी राधारानी का प्राकट्य हुआ था। जगत जननी किशोरी जी के प्राकट्योत्सव …
Read More »दोपहर का गणेश विसर्जन मुहूर्त छूटा, न हों परेशान, शाम और रात में बप्पा को विदा करने का शुभ समय
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व के बाद पूरे देश में भगवान विघ्नहर्ता श्री गणेश के विसर्जन का दौर श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो चुका है। भारतीय सनातन परंपरा और वैदिक पंचांग के अनुसार, गणेश भक्त अपनी-अपनी मन्नत और कुल परंपरा के आधार पर डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या पूरे दस दिन तक गणपति बप्पा …
Read More »घर की चौखट पर मेहमान को विदा करते समय रोना क्यों होता है अशुभ, ज्योतिषाचार्य ने बताई असली वजह
सनातन हिंदू परंपरा और वैदिक वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार यानी चौखट को केवल एक भौतिक संरचना नहीं, बल्कि घर की संपूर्ण सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और धन-वैभव का आधार माना गया है। प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर की दहलीज साक्षात धन की देवी मां लक्ष्मी का मुख्य प्रवेश बिंदु होती है, जहां से घर में दैवीय शक्तियों …
Read More »सामुद्रिक शास्त्र: पार्टनर की अनामिका उंगली पर तिल खोलता है धन की तिजोरी, बदल जाएगी आपकी किस्मत
भारतीय ज्योतिष परंपरा के अभिन्न अंग सामुद्रिक शास्त्र में मानव शरीर के विभिन्न अंगों पर स्थित तिलों, रेखाओं और चिह्नों के गहन विश्लेषण के माध्यम से व्यक्ति के वर्तमान और भविष्य की सटीक व्याख्या की गई है। इस शास्त्र के गहन नियमों के मुताबिक, तिल का प्रभाव केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता जिसके शरीर पर वह मौजूद है, …
Read More »लाफिंग बुद्धा घर की इस दिशा में रखें, वास्तु गुरु ने बताया बढ़ती है बरकत, बस जान लें ये आसान टिप्स
वास्तु शास्त्र और फेंगशुई दोनों ही विधाओं में लाफिंग बुद्धा (Laughing Buddha) को सुख, समृद्धि, खुशहाली और अपार धन-धान्य का प्रतीक माना गया है। घर या कार्यस्थल पर लाफिंग बुद्धा की हंसती हुई मूर्ति स्थापित करने से न केवल मानसिक तनाव कम होता है, बल्कि वातावरण में फैली नकारात्मक ऊर्जा भी पूरी तरह से समाप्त हो जाती है। हालांकि, वास्तु …
Read More »पितृपक्ष 2026: पितृपक्ष की हर तिथि का है अनोखा महत्व, जानें किस तिथि पर श्राद्ध करने से कौन सा मिलता है फल
सनातन धर्म में भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक का समय पितरों को समर्पित होता है, जिसे पितृपक्ष या महालय पक्ष के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 में पितृपक्ष का यह पावन पखवाड़ा सितंबर माह से प्रारंभ हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों की अवधि में हमारे पूर्वज (पितर) …
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