
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी से उठे निम्न दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure System) के चलते देश के बड़े हिस्से में बारिश का जबरदस्त दौर शुरू हो गया है। आज 4 सितंबर 2026 को उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के 20 से अधिक राज्यों में व्यापक वर्षा, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मध्य भारत के ऊपर केंद्रित चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून अपने उफान पर है। मौसम केंद्र भोपाल ने आज प्रदेश के कई संभागों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है। पूर्वी और मध्य एमपी के रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, दमोह, पन्ना, कटनी और सतना में मूसलाधार से अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का अंदेशा जताया गया है। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहेगी।
नर्मदा, बेतवा, चंबल और शिप्रा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते बरगी, तवा और इंदिरा सागर बांधों के गेट खोले जाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में आज दिन भर आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर और शाम के समय मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं, जिसके साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश की वजह से राजधानी का अधिकतम तापमान गिरकर 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। तापमान गिरने से उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन व्यस्त समय में सड़कों पर जलभराव के चलते ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज मानसून पूरी तरह मेहरबान रहेगा। मध्य प्रदेश की सीमा से लगे बुंदेलखंड के जिलों—झांसी, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर और जालौन में मूसलाधार बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
इसके अतिरिक्त, राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आगरा में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली गिरने (Lightning Strike) की आशंका के साथ रुक-रुक कर बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी करते हुए किसानों और आम नागरिकों को खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की है।
पश्चिमी भारत में भी मानसूनी तंत्र का गहरा असर देखने को मिल रहा है:
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पूर्वी राजस्थान: कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और सवाई माधोपुर में भारी से बहुत भारी बारिश का यलो और ऑरेंज अलर्ट है।
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गुजरात: सौराष्ट्र, कच्छ और दक्षिण गुजरात (सूरत, वलसाड, नवसारी) में अरब सागर से आ रही नम हवाओं के चलते मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
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महाराष्ट्र: विदर्भ और मराठवाड़ा के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई, ठाणे और तटीय कोंकण क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बौछारों के साथ 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
मानसून का असर दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी सक्रिय बना हुआ है:
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तटीय कर्नाटक व केरल: वेस्टर्न घाट की तलहटी में स्थित उडुपी, दक्षिण कन्नड़, कोझिकोड, वायनाड और इडुक्की में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मिट्टी धंसने का खतरा बना हुआ है।
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तेलंगाना और आंध्र प्रदेश: उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई जिलों में निम्न दबाव के प्रभाव से मध्यम से भारी बारिश होगी, जिससे गोदावरी और कृष्णा नदी बेसिन के जलस्तर में इजाफा देखने को मिल सकता है।
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तमिलनाडु: चेन्नई समेत उत्तरी तटीय जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
हिमालयी क्षेत्रों में उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में आज बहुत भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट प्रभावी है। लगातार हो रही बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और बोल्डर गिरने का खतरा है, जिससे प्रमुख राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भी मध्यम से भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। पर्यटकों को नदी-किनारों और अनियंत्रित जलस्रोतों के पास सेल्फी लेने या जाने से बचने की सलाह दी गई है।
खराब मौसम और भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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भारी बारिश और आंधी के दौरान पुराने जर्जर मकानों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और बड़े होर्डिंग्स के पास खड़े न हों।
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आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें और घर के भीतर रहकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग रखें।
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जलभराव वाले अंडरपास और उफनते पुल-पुलियाओं पर वाहन निकालने का जोखिम बिल्कुल न लें।
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लंबी यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक पुलिस और मौसम विभाग के रियल-टाइम अपडेट की जांच अवश्य कर लें।
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