लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में इस बार मनेगा ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह, खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शिरकत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बेहद भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाए जाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। शहर के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक रिजर्व पुलिस लाइन (Reserve Police Line) के विशाल परिसर में इस बार का जन्माष्टमी समारोह आकर्षण का मुख्य केंद्र बनने जा रहा है, जिसकी तैयारियां इन दिनों अंतिम चरण में हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खुद शिरकत करेंगे और भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अपनी हाजिरी लगाएंगे। पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों द्वारा हर साल इस पर्व को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन इस बार के आयोजन का दायरा और सजावट इतनी भव्य है कि पूरे पुलिस महकमे के साथ-साथ आम नागरिकों में भी गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं कर ली गई हैं, जिससे इस पावन उत्सव का आनंद बिना किसी बाधा के सभी लोग उठा सकें।

राजधानी लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन के अंदर प्रवेश करते ही ऐसा प्रतीत होता है जैसे पूरा परिसर द्वापर युग के गोकुल या मथुरा में तब्दील हो गया हो। भव्य पंडालों, आकर्षक फूलों की सजावट और अत्याधुनिक रंग-बिरंगी लाइटिंग से सजे इस दरबार की खूबसूरती देखते ही बनती है। पुलिस लाइन के मंदिर और मुख्य समारोह स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की पूरी पृष्ठभूमि को दर्शाती हुई सुंदर और सजीव झांकियां सजाई गई हैं, जिनमें कंस का कारागार, नन्हे बालकृष्ण को सिर पर रखकर यमुना पार करते वासुदेव और मैया यशोदा का आंगन विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। सुरक्षा बलों और उनके परिवारों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में दिन-रात एक कर दिया है। बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां भी इस समारोह का हिस्सा होंगी, जो आने वाले हर शख्स को मंत्रमुग्ध कर देंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लखनऊ पुलिस लाइन के इस जन्माष्टमी समारोह में शामिल होना इस बात का प्रतीक है कि उत्तर प्रदेश सरकार सांस्कृतिक धरोहरों और पर्वों को किस प्रकार जन-उत्सव के रूप में मनाती है। एक संन्यासी और मुख्यमंत्री के रूप में सीएम योगी का भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव से गहरा जुड़ाव रहा है, और वे हर साल इस प्रकार के आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री पुलिस परिवार के साथ वक्त बिताएंगे, मेधावी बच्चों या उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित कर सकते हैं और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देंगे। जानकारों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से पुलिस और जनता के बीच की दूरियां कम होती हैं तथा एक सकारात्मक सामाजिक सौहार्द का संदेश पूरे राज्य में प्रसारित होता है। मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर रिजर्व पुलिस लाइन के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और खुफिया एजेंसियों को भी पूरी तरह से अलर्ट रखा गया है।

मुख्यमंत्री के आगमन और भारी संख्या में आम जनता के जुटने की संभावना को देखते हुए लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने रिजर्व पुलिस लाइन के आसपास के रास्तों के लिए एक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। शाम के वक्त होने वाले इस मुख्य जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए शहर के कोने-कोने से लोग परिवार सहित पहुंचते हैं, इसलिए पार्किंग और आवागमन की सुगम व्यवस्था करना प्रशासन के लिए प्राथमिकता रही है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही अपने वाहन खड़े करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। रात के ठीक बारह बजे जब कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, तब पुलिस लाइन का पूरा परिसर हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के उद्घोषों से गूंज उठेगा। इस ऐतिहासिक समारोह के गवाह बनने के लिए लखनऊ की जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जो यह साबित करता है कि आस्था और उल्लास का यह पर्व उत्तर प्रदेश में कितने भव्य तरीके से मनाया जाता है।