धर्म

चैत्र नवरात्रि 2026: पालकी में होगा मां दुर्गा का आगमन, पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व, जानें शुभ संकेत

Maa shailputri

चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष (2026) बेहद खास संयोगों के साथ शुरू हो रहा है। नवरात्रि का पहला दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। पालकी में होगा मां …

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18 मार्च को लगेगी अमावस्या, जानिए कब शुरू होगी तिथि और किस समय होगा समापन

Thithi

हिंदू पंचांग के अनुसार मार्च महीने में आने वाली अमावस्या तिथि को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस बार अमावस्या 18 मार्च, बुधवार को सुबह 8 बजकर 26 मिनट से प्रारंभ होगी, जो अगले दिन 19 मार्च, गुरुवार को सुबह 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगी। धार्मिक दृष्टि से यह तिथि विशेष महत्व रखती है और इस दिन पितरों …

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नवरात्रि 2026: माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना से जागती है शक्ति और सिद्धि, जानिए शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक नवदुर्गा का आध्यात्मिक रहस्य

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हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व आस्था, शक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का महान उत्सव माना जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है, की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में भक्त माँ के विभिन्न रूपों की आराधना कर अपने जीवन …

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15 मार्च का पंचांग: आज है पापमोचनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का पूरा ज्योतिषीय समय

Ekadashi vart

रविवार, 15 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की पापमोचनी एकादशी मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से मनुष्य के पापों का …

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योग: सिर्फ आसन नहीं, आत्मा और परमात्मा के मिलन का मार्ग

Yog

धर्म, विशेषकर हिंदू धर्म में, योग केवल शारीरिक व्यायाम या आसनों तक सीमित नहीं है। यह आत्मा (जीवात्मा) को परमात्मा (ब्रह्म) के साथ जोड़ने और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग है। योग का असली स्वरूप कर्म, भक्ति और ज्ञान के माध्यम से मानसिक एकाग्रता, आत्म-नियंत्रण और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देना है। योग और मानसिक शांति योग का अभ्यास मन …

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Chaitra Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति का महापर्व, इस दिन स्नान-दान और तर्पण से मिलती है पूर्वजों की कृपा, जानें क्यों खास है भूतड़ी अमावस्या

Amawas

वर्ष 2026 में चैत्र अमावस्या (भूतड़ी अमावस्या) 18 मार्च (बुधवार) और 19 मार्च (गुरुवार) दोनों दिन मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र अमावस्या को वर्ष की अंतिम अमावस्या माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से पितरों को समर्पित होता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए स्नान, दान, तर्पण और श्राद्ध कर्म से पूर्वजों की आत्मा …

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गुरु का दर्जा ईश्वर से भी ऊँचा क्यों? हिंदू धर्म में गुरु की महिमा, मोक्ष और आत्मज्ञान का बताया गया गूढ़ रहस्य

Guru

हिंदू धर्म में गुरु को अत्यंत ऊँचा और पवित्र स्थान दिया गया है। शास्त्रों और धार्मिक परंपराओं में गुरु को केवल शिक्षक नहीं बल्कि जीवन का सच्चा मार्गदर्शक माना गया है। मान्यता है कि गुरु ही वह दिव्य शक्ति होते हैं, जो शिष्य को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। यही कारण है …

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कल्कि के प्रकट होने की भविष्यवाणी की गई है।

Kalki jayanti

सनातन धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप में माना जाता है। मान्यता है कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म संकट में पड़ता है, तब-तब भगवान विष्णु किसी न किसी रूप में अवतार लेकर संतुलन स्थापित करते हैं। शास्त्रों में वर्णित उनके दस प्रमुख अवतारों को दशावतार कहा जाता है। इन दस अवतारों में …

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चंद्रमा, राहु-केतु और शनि: मानसिक स्वास्थ्य पर इन ग्रहों का असर और उपाय

Jivan

ज्योतिष शास्त्र में यह माना जाता है कि हमारे मानसिक स्वास्थ्य का सीधा संबंध ग्रहों की स्थिति से है। विशेष रूप से चंद्रमा (Moon) को मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिति का मुख्य कारक माना जाता है। यदि चंद्रमा कमजोर हो, तो व्यक्ति को डिप्रेशन, तनाव और भावनात्मक अस्थिरता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ग्रहों का मानसिक स्वास्थ्य …

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धर्म और समाज में महिलाओं की भूमिका: शक्ति से सहभागिता तक, सदियों में बदलती रही आस्था की तस्वीर

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धार्मिक परंपराओं और सामाजिक संरचनाओं में महिलाओं की भागीदारी हमेशा से ही महत्वपूर्ण रही है। इतिहास के अलग-अलग दौर में महिलाओं ने धर्म, आस्था और समाज सुधार के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। हालांकि समय के साथ सामाजिक और पितृसत्तात्मक व्यवस्थाओं के कारण उनकी भागीदारी में कई बदलाव आए, फिर भी धार्मिक जीवन और सामाजिक आंदोलनों में उनकी …

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